‘बिजली की दरों में बढ़ोतरी अरविंद केजरीवाल की मिलीभगत से’

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Saturday, February 01, 2014-5:29 PM

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार को समर्थन दे रही कांग्रेस ने दिल्ली में बिजली की दरों में बढ़ोतरी के लिए सीधे-सीधे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जिम्मेदार ठहराते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है।

दिल्ली विधानसभा में कांग्रेस दल के नेता और पूर्व ऊर्जा मंत्री हारुन यूसुफ और पूर्व विधायक मुकेश शर्मा ने आज यहां संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (डीईआरसी) ने बिजली प्रभार में बढ़ोतरी से पहले राज्य सरकार के मुख्य सचिव और ऊर्जा सचिव को अवश्य सूचित किया होगा। उन्होंने कहा कि केजरीवाल और बिजली कंपनियों के बीच सांठगांठ तथा मिलीभगत के चलते डीईआरसी ने यह जनविरोधी फैसला लिया है। दोनों ने कहा कि मुख्यमंत्री बिजली दरों में बढ़ोतरी के लिए पूरी तरह जिम्मेदार है और उन्होंने दिल्ली के लोगों के साथ धोखा किया है। दोनों ने  बिजली वितरण कंपनियों के नियंत्रक एवं लेखा महापरीक्षक (कैग) से जांच कराये जाने और दरों में बढ़ोतरी को जोडऩे को पूरी तरह से गलत बताया। उन्होंने कहा कि फरवरी का महीना है और बच्चों की परीक्षाएं सिर पर हैं। ऐसे में कई कई घंटों की बिजली कटौती हो रही है। कांग्रेस इस मसले पर चुप रहने वाली नहीं है वह बड़े पैमानें पर आंदोलन करेगी।

उन्होंने कहा कि दिल्ली में बिजली की जो स्थिति बन रही है, उसे देखते हुए वह समय अब दूर नहीं है जब लोगों को फिर से सड़कों पर उतरने को मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि बिजली कंपनियों ने वित्तीय संकट का जो राग अलापा है। वह एक षडयंत्र है। एक तरफ कंपनियां दो दिन पहले ही सरकार को चि_ी लिखकर वित्तीय घाटे और 10 घंटे तक बिजली आपूॢत ठप्प करने के लिए चि_ी लिखती हैं। इसके 48 घंटे बाद बिजली के दाम बढा दिए जाते हैं। बिजली कटौती की धमकी भी केजरीवाल और कंपनियों की सांठगांठ के षडयंत्र को साबित करती ह। श्री मुकेश शर्मा ने मुख्यमंत्री से सवाल किया है कि पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए रेल भवन पर धरना देने का नाटक करने वाले केजरीवाल बिजली की दरों में बढ़ोतरी के खिलाफ धरने पर कब बैठने जा रहे हैं।


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