विशेष सत्र के आयोजन पर लग सकता है सवालिया निशान

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Saturday, February 01, 2014-11:37 PM
नई दिल्ली (अशोक शर्मा): दिल्ली जनलोकपाल बिल को पेश करने के बाद उसे पारित कराने के लिए आई.जी.आई .स्टेडियम में होने वाले विशेष सत्र के आयोजन पर सवालिया निशान भी लग सकता है। कांग्रेस ही नहीं बल्कि भाजपा के नेता भी इस पर कानून के विशेषज्ञों से गंभीरता से सलाह-मश्विरा करते दिखाई दे रहे हैं। 
 
बेशक मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने गत शनिवार को यह घोषणा की थी कि दिल्ली में जनलोकपाल बिल को पारित करवाने के लिए दिल्ली के आई.जी.आई. स्टेडियम में 16 फरवरी को विशेष सत्र आयोजित होगा, जिसमें बिल को पारित किया जाएगा, लेकिन कानून की जानकारी रखने वालों की माने तो आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री केजरीवाल की इस घोषणा को ग्रहण लग सकता है।
 
उनका कहना है, यदि विधानसभा सदन से बाहर कहीं भी विशेष सत्र का आयोजन किया जाता है तो वह दिल्ली विधानसभा के इतिहास में पहला प्रयास होगा क्योंकि इससे पहले देश की किसी भी विधानसभा का सत्र आज तक विधानसभा सदन से बाहर आयोजित नहीं हुआ है। दिल्ली विधानसभा के पूर्व सचिव एस.के. शर्मा का मानना है कि यह ठीक है कि मुख्यमंत्री केजरीवाल ने विशेष सत्र का आई.जी.आई. स्टेडियम में आयोजित करने की बात कही है लेकिन क्या उन्होंने सदन के सभी दलों के विधायकों की राय ली है या नहीं?
 
दिल्ली विधानसभा की नियमावली तैयार करने वाले कानून विशेषज्ञ शर्मा का कहना है कि संविधान यह कहता है कि सदन से बाहर कहीं भी सत्र आयोजित करने के लिए सदन के सभी सदस्यों की राय और उनकी सहमति लेना अनिवार्य है। ऐसा नहीं लगता है कि मुख्यमंत्री ने विपक्ष भाजपा के नेता या कांग्रेस विधायक दल के नेता इस संबंध में फिलहाल उनकी भी कोई राय ली हो। 

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