जान बचाने के लिए लगा रहा था गुहार

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Sunday, February 02, 2014-1:04 AM
नई दिल्ली (कुमार गजेन्द): भाई साब! मुझे बचा लो, अंकल ये लोग मुझे मार देंगे, मुझे इनसे बचा लो, भइया मैं मर जाऊंगा। अरुणाचल प्रदेश का रहने वाला नीडो तानियन कुछ इस तरह से मार्कीट में जान बचाने के लिए दौड़ता रहा था लेकिन भरे बाजार में उसकी मदद के लिए किसी ने भी हाथ नहीं बढ़ाया। भीड़ में  एक निहत्थे युवक को आधा दर्जन हथियारबंद लोगों से बचाने के लिए कोई आगे नहीं आया। 
 
हमलावरों ने उसे जब तक नहीं छोड़ा, जब तक वह पिटते-पिटते बेहोश नहीं हो गया।  मौका ए वारदात पर मौजूद कुछ लोगों ने दबी जुबान में बताया कि उस लड़के को बेहोश हो जाने के बाद भी हमलावरों ने जमकर लाठी और लात घूंसों से मारा था। पी.सी.आर. को सूचना मिलने के बाद पुलिस करीब आधे घंटे की देरी से पहुंची थी। 
 
पुलिस खून से लतपथ घायल युवक को कुछ इस तरह से अस्पताल लेकर गई, जैसे कुछ हुआ ही नहीं। इलाके के लोगों का कहना है कि राजस्थान पनीर भंडार के लोग इससे पहले भी मार्कीट में लोगों से मार-पीट करते रहते थे लोकल पुलिस का भी उन्हें पूरा सहयोग मिला हुआ था। स्थानीय लोगों के अनुसार लाजपत नगर पुलिस स्टेशन के सिपाही अक्सर ही यहां बैठे हुए देखे जा सकते हैं। यह भी कारण था कि लोग बचाने आगे नहीं आए। 

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