दुकान के लालच में राजेश ने की थी मुखबिरी

  • दुकान के लालच में राजेश ने की थी मुखबिरी
You Are HereNational
Sunday, February 02, 2014-1:19 AM
नई दिल्ली (कुमार गजेन्द्र) : लाजपत नगर लूट कांड के सबसे बड़े सूत्रधार राजेश को उसके मामा शक्ति और अजय ने दिल्ली की लाजपत नगर मार्कीट में दुकान दिलाने का झांसा दिया था। राजेश इस दुकान में कपड़ों का काम खोलकर अपनी गरीबी दूर करना चाहता था, इसीलिए वह बदमाशों को रकम की सूचना देने के लिए तैयार हो गया। वारदात के दूसरे सबसे बड़े किरदार रहे शक्ति और अजय कई बार तिहाड़ जेल गए थे, इसलिए वह बाहरी जिला के सबसे कुख्यात गिरोह प्रदीप कराला को जानते थे। 
 
पुलिस की माने तो रकम की सूचना देने के अलावा रकम लूटने का काम प्रदीप कराला गिरोह को ही दिया गया था। पुलिस ने शनिवार सुबह जिन 3 बदमाशों तिलकराज, गुलजार और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया है, उन्होंने भी पुलिस की इस कहानी की पुष्टि की है। इन बदमाशों से पुलिस ने करीब डेढ़ करोड़ रुपए की रकम भी बरामद कर ली है।
 
बाकी की रकम अभी तक फरार चल रहे 7 बदमाशों के पास है। फतेहपुर बेरी थाने के एस.एच.ओ. गगन भास्कर को सूचना मिली थी कि राजेश कालरा का चालक राजेश लुटेरों का मुखबिर है। वह दक्षिणी दिल्ली के मदनगीर में रहता है। उसने अपने मामा को बताया था कि उसके मालिक राजेश कालरा और उनके पार्टनर राहुल आहूजा की करोड़ों की रकम कालकाजी और ग्रेटर कैलाश से चांदनी चौक आती-जाती रहती है। इस रकम को लाने ले जाने के लिए वही गाड़ी लेकर जाता है। 
 
शक्ति मूल रूप से चेन्नई का रहने वाला है और वह आपराधिक प्रवृति का है। दिल्ली में छोटे-मोटे अपराधों में वह लगातार जेल आता जाता रहता है। शक्ति ने राजेश के भाई अजय से बातचीत की। अजय भी मदनगीर का कुख्यात बदमाश है। दोनों ने मिलकर रकम को लूटने की योजना बना ली। 
 
पूरी योजना को अमली जामा पहनाने के लिए शक्ति और अजय दोनों तिहाड़ जेल गए, जहां उन्होंने बाहरी जिला के कुख्यात बदमाश प्रदीप कराला से मुलाकात की। शक्ति और अजय की मुलाकात तिहाड़ में रहने के दौरान प्रदीप कराला से हुई थी। करोड़ों की रकम की बात सुनकर प्रदीप कराला तैयार हो गया। उसने वारदात से पहले अपने गैंगस्टरों से गाडिय़ों का इंतजाम कराया। सबसे पहले 21 जनवरी को मुंडका में इलाके में वरना कार उठाई गई। 24 जनवरी को जहांगीरपुरी से वैगनआर कार लूटी गई। 
 
पुलिस का कहना है कि 27 जनवरी को चार करोड़ रुपए चांदनी चौक से कालकाजी के बी ब्लॉक में लाकर  रखे गए थे। यह रकम लाने वालों में नौकर राजेश भी शामिल था। उसे मालूम था कि अगले दिन यह रकम और कालरा के घर हेमकुंठ कॉलोनी से भी करोड़ों रुपए करोल बाग और बाली नगर ले जाए जाएंगे। राजेश ने इस रकम की बाबत शक्ति को सूचना दे दी। 
 
राजेश ने पुलिस को बताया कि 28 जनवरी की सुबह पूरा गिरोह लूटी गई कारों में हथियारों समेत पहले कालकाजी गया। कालकाजी से बदमाशों ने रकम लेकर जा रही कार का पीछा किया और जीके में हेमकुंठ कॉलोनी तक आ गए। राजेश खुद रकम के साथ होंडा सिटी कार में सवार था। लूट के दौरान बदमाशों को कार से निकलता देख कर राजेश सबसे पहले भाग निकला था। इस दौरान उसने इस तरह से नाटक किया जैसे वह बदमाशों से जान बचाकर भाग रहा हो। बहरहाल पुलिस फरार बदमाशों की तलाश कर रही है। 

विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You