शहादत के 14 साल बाद भी परिजनों को सरकारी मदद का इंतजार

  • शहादत के 14 साल बाद भी परिजनों को सरकारी मदद का इंतजार
You Are HereNational
Monday, February 03, 2014-3:46 PM

झुंझुनूं: झुंझुनूं जिले के सूरजगढ क्षेत्र के जयसिंहवास गांव में शहादत के 14 साल बाद भी शहीद के परिजन सरकार व सैनिक कल्याण विभाग की और से सहायता का इंतजार कर रहे है।  जाबांज शहीद अमर चन्द जांगिड की शहादत के चौदह वर्ष बीतने के बाद भी सरकार की और से मिलने वाले शहीद पैकेज का इंतजार है।

शहीद के परिजन सरकार व सरकार के प्रतिनिधियों से कई बार गुहार लगा चुके है लेकिन न्याय नहीं मिला है। शहीद का एकलौता पुत्र विकास अपने पिता की शहादत के समय सिर्फ पांच वर्ष का था जो अब बालिग हो चुका है और अपने रिश्तेदारों की मदद से इंजिनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है।
 
विकास ने बताया कि वह भी अपने पिता की तरह देश की सेवा का जज्बा दिल में रखता है और सेना में भर्ती होकर अपने पूरे गांव का नाम रोशन करना चाहता है1 उधर शहीद की वीरांगना सुशीला देवी अपने इकलौते बेटे की उच्च शिक्षा व घर खर्च के लिये पशु पालन व खेती करती है।

ज्ञात हो कि ऑपरेशन कारगिल विजय के दौरान 28 दिसम्बर 1999 को सैनिक अमरसिंह ने देश रक्षा में अपने प्राणों की आहुती दी थी। लेकिन आज भी शहीद के परिजनों को न्याय की आशा है सरकारें बदलती रही पर शहीद के परिजनों की किसी ने सुध नही ली अब जब राजस्थान में नयी सरकार बनी है तो शहीद के परिजनों को सरकार से न्याय की आशा है।
 


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You