'वैश्विक प्रासंगिकता वाली चिकित्सा प्रौद्योगिकी का पेटेंट नहीं किया जाना चाहिए'

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Monday, February 03, 2014-5:11 PM

जम्मू: जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आज कहा कि एड्स या कैंसर जैसी बीमारियों के इलाज के लिए वैश्विक प्रासंगिकता वाली चिकित्सा प्रौद्योगिकी का पेटेंट नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘सारे नवोन्मेषों का सार्वभौमिक प्रभाव होना चाहिए जो मानव दशा में सुधार की ओर ले जाएगा। वैश्विक सार्वजनिक वस्तुओं यथा एड्स या कैंसर का इलाज और सेवाओं में बेहतरी और सुधार के लिए प्रौद्योगिकियों के प्रसार और मानवता के लिए प्रणालियों का पेटेंट नहीं किया जा सकता।’’

उमर 101 वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस को संबोधित कर रहे थे। इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने यहां किया। मानवता के अधिकतम लाभ के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवोन्मेष के संश्लेषण की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि नवोन्मेष सार्वभौमिक होना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘प्रौद्योगिकी संबंधी समस्याओं के हल के लिए विज्ञान की जानकारी होनी चाहिए--।

प्रौद्योगिकी नयी वैज्ञानिक जानकारी का पता लगाना संभव बनाती है इसलिए दोनों के बीच सहजीवी संबंध है। विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवोन्मेष हमारे दैनिक जीवन में अपने प्रभाव का विस्तार कर रहे हैं।’’‘ओपन साइंस’ की वकालत करते हुए उन्होंने कहा कि जानकारी के उदार प्रसार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, ‘‘ओपन साइंस समाज की जानकारी के भंडार की वृद्धि दर के अधिक अनुकूल है। इसलिए मैं ऐसे नजरिए का आह्वान करता हूं जो विज्ञान और जानकारी से उपयुक्त रिटर्न का पक्ष लेता है।’’


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