आप की वैकल्पिक राजनीति में झूठ बोलने का अधिकार भी शामिल है : जेटली

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Monday, February 03, 2014-6:54 PM
नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी द्वारा भाजपा पर दिल्ली की सरकार को गिराने और उसके लिए परेशानियां खड़ी करने के लगाए आरोपों को अरुण जेटली ने सरे से खारिज कर दिया है।  राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि ऐसा लगता है कि वैकल्पिक राजनीति के आप के दावे में झूठ बोलने का अधिकार भी शामिल है।
 
आप ने जेटली, भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी और दिल्ली भाजपा के नेता हर्षवर्धन आदि पर आरोप लगाया है कि वे दिल्ली सरकार को गिराने के प्रयास में लगे हैं। आप नेता और प्रवक्ता आशुतोष का कहना है कि यह सब कुछ अरूण जेटली के निर्देश पर हो रहा है  मीडिया में अपने कुछ लोगों का इस्तेमाल वह हमें बदनाम करने के लिए कर रहे हैं। आप का यह आरोप भी है कि उसके विधायकों को तोडऩे के लिए भाजपा और कांग्रेस 20 करोड़ रूपयों तक की पेशकश कर रहे हैं।
 
 भाजपा की प्रवक्ता निर्मला सीतारमण ने आप के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया करते हुए कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री जनता को हिदायत देते हैं कि जो भी रिश्वत मांगे उसकी रिकार्डिग करके दिल्ली सरकार द्वारा दिए गए भ्रष्टाचार निरोधी नंबर पर बता दिया जाए। उन्होंने सवाल किया कि अगर भाजपा से कोई व्यक्ति आप विधायक को खरीदने का सौदा कर रहा था तो उस एमएलए ने उसे आखिर रिकार्ड क्यों नहीं किया? 
 
सीतारमण ने कहा कि आप ने वैकल्पिक राजनीति के नाम पर भड़काने और अपने विरोधियों पर झूठे आरोप लगाने का स्वयं को अधिकार दे दिया है।भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि आप ने भाजपा के कुछ नेताओं को भ्रष्ट बताया है लेकिन उसके लिए एक भी साक्ष्य नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक राजनीति देने के नाम पर इस पार्टी के नेेताओं ने अपने को वह अधिकार दे दिया है जो संविधान किसी को नहीं देता। ‘‘यह है भड़काने का मौलिक अधिकार और अपने विरोधियों पर झूठे आरोप मढऩे का अधिकार।
 
 भाजपा प्रवक्ता ने कहा, आप की नैतिकता तो यह है कि जिस कांगे्रस पार्टी को वह चोर कहती है उसी की मदद से सरकार बनाने में उसे कोई शर्मिन्दगी महसूस नहीं होती और दिल्ली के मुख्यमंत्री अपने बच्चों की कसमें खा-खा कर कहा करते थे कि वह कांग्रेस के समर्थन से कभी सरकार नहीं बनाएंगे, लेकिन सत्ता सामने देख पलटी खा गए।
 
उन्होंने कहा कि चुनाव से पूर्व आप नेता ने सत्ता में आने के तुरंत बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों पर कार्रवाई करने की बार बार दुहाई दी थी लेकिन उसने अभी कथित भ्रष्ट नेताओं की जो सूची जारी की है उसमें शीला का नाम तक नहीं है।
  
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