राजीव गांधी हत्याकांड़ के दोषियों की दया याचिका पर SC ने फैसला सुरक्षित रखा

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Tuesday, February 04, 2014-2:12 PM

नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय में राजीव गांधी के तीन हत्यारों की सजा-ए-मौत को कम कर उम्रकैद में तब्दील करने संबंधी याचिका का आज केंद्र सरकार ने विरोध किया। अदालत ने सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।  वर्ष 1991 में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के हत्यारे मुरुगन, संथन और पेरारिवलन ने अदालत में याचिका दायर कर कहा था कि चूंकि राष्ट्रपति के पास उनकी दया याचिका पिछले 11 साल से लंबित है इसलिए उनकी फांसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया जाये।

उन्होंने उच्चतम न्यायालय के हाल के एक फैसले के बाद यह याचिका दायर की थी जिसमें अदालत ने विभिन्न मामलों के 15 कैदियों की फांसी की सजा राष्ट्रपति के पास दया याचिका के निपटारे में असाधारण देरी के कारण उम्र कैद में बदल दी थी। केंद्र सरकार के वकील ने स्वीकार किया कि तीनों की दया याचिका के निपटारे में देरी हो रही है ..लेकिन यह देरी अकारण और अविवेकपूर्ण नहीं है।.. उन्होंने कहा कि पिछले। साल के दौरान इन आरोपियों को न तो कोई मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ी है और न/न ही उनके साथअमानवीय व्यवहार किया गया है।


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