रेलवे का नया नियम नजरअंदाज करना यात्रीयाें काे पड़ सकता है भारी

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Tuesday, February 04, 2014-1:23 PM

नई दिल्लीः ट्रेन में अगर सफर कर रहे हैं ताे ये नियम भी अापके लिए कारगर सिद्ध हाे सकते हैं। सफर करते समय अापकाे काेई दिक्कत न हाे एेसा हाे नही सकता है कुछ न कुछ परेशानी हर किसी काे सफर के समय हाे ही जाती है। शायद ही कोई व्याकित एेसा  हो जिसने रेलवे का सफर न किया हाे। रेलवे की टिकट बुकिंग से लेकर रेलवे की टिकट रद्द करने तक काेई भी सही जानकारी अापकाे परेशानी से बचा सकती है। हर दिन नये नियम बदलने के कारण यात्रीयाें काे आैर भी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

रेलवे ने छात्र, खिलाड़ी, गूंगे-बहरों के रिजर्वेशन पर 50, कैंसर-थैलीसीमिया पीड़ित और विकलांग को 75 तथा डॉक्टर के रिजर्वेशन चार्ज में10 फीसदी की छूट दी है। यह छूट लेने को छात्र-खिलाड़ियों को स्कूल से लिखवाकर लाना पड़ता है, तो वहीं डॉॅक्टर, विकलांग, गूंगे-बहरों को अपने प्रमाण पत्र तथा मरीजों को डॉक्टर का पर्चा लगाना पड़ता है। हकीकत यह है कि जानकारी न होने के कारण विकलांगों को छोड़ कोई भी अपनी सुविधाओं का लाभ लेने नहीं पहुंचता।

सफर करते समय अपने साथ आईडी कार्ड अवश्य ही रखें। ट्रेन में सफर करते समय आईडी कार्ड न हाेने पर आपका टिकट रद्द हाेने के साथ-साथ जुर्माना भी लग सकता है। अगर अापके पास आईडी कार्ड है अाैर टिकट न हाेने पर यात्री से जुर्माना नही लिया जायेगा। वह अपना टिकट बनवाकर सफर कर सकता है।


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