युगांडाई महिलाओं को नौकरी दिलाने का झांसा देकर कराया गया ‘धंधा’

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Wednesday, February 05, 2014-12:03 PM

नई दिल्ली: दिल्ली के कानून मंत्री सोमनाथ भारती के आधी रात के छापे पर जारी विवाद के बीच तीन युगांडाई महिलाओं ने मंगलवार को दिल्ली पुलिस के समक्ष बयान देकर खुलासा किया कि प्लेसमेंट एजेंसी ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर उन्हें सेक्स और नशे के दलदल में धकेल दिया। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि उसने इस मुद्दे पर युगांडा के उच्चायोग को पत्र लिखा है।

महिलाओं ने पुलिस उपायुक्त (दक्षिण और दक्षिणपूर्व) नीला मोहन के पास शिकायत दर्ज कराई है जिसमें उसने कहा है कि इस तरह की कई प्लेसमेंट एजेंसियां दिल्ली में और आसपास संचालित हो रही हैं जो अफ्रीकी महिलाओं को रोजगार मुहैया कराने का झांसा देकर नशा और देह व्यापार के दलदल में धकेल देती हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि उन्होंने युगांडा के उच्चायोग को तीनों युगांडाई महिलाओं को परामर्श सेवा मुहैया कराने का सुझाव दिया है।

उन्होंने कहा, ‘‘आज सुबह हमें दिल्ली सरकार की ओर से एक संदेश प्राप्त हुआ कि 17 जनवरी को भारत आई तीन युगांडाई महिलाओं ने युगांडा वापस भेजने की गुजारिश की है क्योंकि उन्हें झांसा देकर भारत लाया गया।’’

दिल्ली महिला आयोग ने भी दिल्ली के पुलिस आयुक्त बी.एस. बस्सी को तीनों युगांडाई महिलाओं द्वारा किए गए खुलासे की जांच करने की सिफारिश की है। इस बीच दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष बरखा सिंह ने आईएएनएस से कहा कि उन्होंने भी इस मामले की जांच की मांग की है। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने अपने पत्र में पुलिस आयुक्त से कहा है कि इस मामले की जांच उनके द्वारा की जानी चाहिए।’’

ये तीनों महिलाएं मालवीय नगर इलाके उसी खिड़की एक्सटेंशन में ठहरी हुई हैं, जहां दिल्ली के कानून मंत्री सोमनाथ भारती ने आप के कुछ सदस्यों के साथ नशे और देह व्यापार के खिलाफ पिछले महीने आधी रात को छापा मारा था। अपने बयान में महिलाओं ने कहा है कि नशीले पदार्थों के कारोबार के माफिया ने उन्हें बंधक बनाए रखा और उन्हें देह व्यापार और ड्रग बेचने के धंधे में धकेल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि वे सरकार से संरक्षण चाहती हैं।

पुलिस ने कहा कि महिलाओं को मंगलवार को सरकार संचालित पश्चिमी दिल्ली के नारी निकेतन में भेज दिया गया। इस छापे के दौरान पुलिस के असहयोगी रवैए के खिलाफ दिल्ली की आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार ने धरना दिया और छापे में कथित रूप से ज्यादती की शिकार बनी युगांडाई महिलाओं ने अदालत में मंत्री के साथ आए लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत दर्ज होने के बाद दिल्ली की आप सरकार और कानून मंत्री सोमनाथ सभी विपक्षी दलों के निशाने पर रहे। इतना ही नहीं, दिल्ली महिला आयोग के साथ भी दिल्ली सरकार का टकराव भी हुआ। तीन युगांडाई महिलाओं के बयान आने के बाद सोमनाथ की छापेमारी को सार्थक बताकर आप एक बार फिर विरोधियों को घेर सकती है।


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