1984 के सिख विरोधी दंगों और तेलंगाना मुद्दे को लेकर लोकसभा में हंगामा

You Are HereNational
Wednesday, February 05, 2014-1:03 PM

नई दिल्ली: संसद के विस्तारित शीतकालीन सत्र के पहले दिन लोकसभा में आज प्रश्नकाल हंगामे की भेंट चढ़ गया। 1984 के सिख विरोधी दंगों और तेलंगाना मुद्दे को लेकर विभिन्न दलों के सदस्यों के भारी हंगामे के कारण बैठक शुरू होने के कुछ ही समय बाद दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।

आज सुबह कार्यवाही शुरू होने पर अध्यक्ष मीरा कुमार ने सदन को पूर्व सदस्यों एम एम हाशिम, पी के घोष, दीपक कुमार और पीयूष तिर्की के निधन तथा लाटविया एवं रूस में त्रासदपूर्ण घटनाú समेत आंध्रप्रदेश की रेल दुर्घटना, गोवा के पणजी मेंं निर्माणाधीन इमारत गिरने, मुम्बई में भगदड़, अंडमान एवं निकोबार में पर्यटक नाव डूबने की त्रासदी में जानमाल के नुकसान की जानकारी दी। सदन ने कुछ पल मौन रखकर इन घटनाओं में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी। 

इसके बाद अध्यक्ष ने जैसे ही प्रश्नकाल चलाने को कहा, सीमांध्र क्षेत्र के कांग्रेस सदस्य और तेदेपा सदस्य एकीकृत आंध्रप्रदेश की मांग करते हुए अध्यक्ष के आसन के समीप आ गए। उनके हाथों में तख्तियां थी जिसे पर लिखा था, ‘‘ आंध्रप्रदेश को एकजुट रखें।’’  इसके साथ ही अकाली दल के सदस्य 1984 के सिख विरोधी दंगों का विषय उठाते हुए आसन के समीप आ गए। उनके हाथों में तख्तियों थीं जिनपर मामले में तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई थी। 

कई सदस्य राष्ट्रीय राजधानी में पूर्वोत्तर क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा के विषय को उठाते हुए कथित भेदभाव किये जाने का आरोप लगा रहे थे।  अध्यक्ष ने सदस्यों से सदन की कार्यवाही चलने देने का आग्रह किया लेकिन इसका कोई प्रभाव पड़ता नहीं देख उन्होंने कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित की दी।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You