चुनावी एजेंडे के साथ संसद में आई है सरकार: भाजपा

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Wednesday, February 05, 2014-5:00 PM

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आज सरकार पर आरोप लगाया कि वह गिरती साख को बचाने के लिए चुनावी एजेंडे के साथ संसद में आई है हालांकि एकजुट विपक्ष ने सांप्रदायिक हिंसा से जुड़े विधेयक को टलवाकर उसके पहले एजेंडे को धराशायी कर दिया।

राज्यसभा में भाजपा के उप नेता रविशंकर प्रसाद ने आज यहां पार्टी की नियमित ब्रीफिंग में कहा कि यह सहमति थी कि सरकार दो तीन दिनों में लेखानुदान मांगों को पारित कर सत्र को स्थगित कर देगी। लेकिन पहले ही दिन यह साफ हो गया कि सरकार एक एजेंडे के साथ संसद में आई है और इसीलिए उसने लंबा सत्र बुलाया है। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक हिंसा से जुडे विधेयक को हड़बड़ी में पेश करने की उसकी कोशिश इसी एजेंडे का हिस्सा था। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस विधेयक को हार के डर से मजबूरी में टाला है।

उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था राज्यों का विषय है और यदि इसमें केन्द्र का हस्तक्षेप होता है तो यह देश के संघीय ढांचे के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि यह बडे संतोष की बात है कि भाजपा के साथ वामपंथी दलों द्रमुक, अन्ना द्रमुक, सपा और जद (यू) जैसे दलों ने एकजुट होकर इसका विरोध किया जिससे सरकार को इस विधेयक को टालना पड़ा। उन्होंने कहा कि सरकार ने एकजुट विपक्ष के आगे हथियार डालते हुए हार के डर से मजबूरी में इस विधेयक को टाला है।


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