सांप्रदायिक हिंसा विधेयक में केंद्र को कोई शक्ति नहीं : सिब्बल

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Thursday, February 06, 2014-3:23 AM

नई दिल्ली : विपक्ष ने राज्यसभा में जहां विवादास्पद सांप्रदायिक हिंसा निरोधक विधेयक को पेश होने से टाल दिया वहीं कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि विधेयक में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जो केंद्र को शक्ति देता है। सिब्बल ने ट्विट किया, ‘‘हमने सांप्रदायिक हिंसा विधेयक को काफी सावधानी से तैयार किया है। इसमें ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि केंद्र सरकार को शक्ति दी गई हो।’’

 उन्होंने कहा कि संघीय ढांचे को अक्षुण्ण रखने के लिए ‘‘सांप्रदायिक हिंसा विधेयक में धारा 30 शामिल किया गया है जिसमें मानवाधिकार आयोग की किसी भी कार्रवाई से पहले राज्य सरकार की सहमति आवश्यक है।’’ भाजपा, माकपा, अन्नाद्रमुक, द्रमुक एवं सपा सहित विभिन्न दलों के भारी विरोध के बाद उप सभापति पी जे कुरियन ने व्यवस्था दी कि सदन की भावना को देखते हुए सांप्रदायिक निवारण पहुंच और क्षतिपूर्ति विधेयक 2014 को टाला जाता है।

सिब्बल ने कहा कि संघीय ढांचे का उल्लंघन नहीं हो रहा है और विधेयक के तहत कोई भी केंद्रीय कार्रवाई राज्य सरकार की सहमति से होगी। वर्ष 2002 के गुजरात दंगा मुद्दे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ‘‘राज्य प्रायोजित सांप्रदायिक गतिविधियों जैसा कि गुजरात में हुआ’’ के परिप्रेक्ष्य में केंद्र का हस्तक्षेप आवश्यक है।


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