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राजस्थान में दिल्ली की तर्ज पर बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने पर विचार

  • राजस्थान में दिल्ली की तर्ज पर बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने पर विचार
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Thursday, February 06, 2014-3:17 PM

जयपुर: राजस्थान विधानसभा में आज सरकार ने आश्वस्त किया कि प्रदेश आगामी जुलाई-अगस्त तक बिजली क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो जाएगा तथा बिजली पारेषण में क्षति के कम होने पर दिल्ली की तर्ज पर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को बिजली की दरों में रियायत देने पर विचार किया जा सकता है। राजस्थान के उर्जा मंत्री गजेन्द्र सिंह खिवसर ने प्रश्नकाल में नेशनल पीपुल्स पार्टी की गीता वर्मा और डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के मूल प्रश्न के जवाब में यह जानकारी दी।

उन्होंने बिजली कम्पनियों की ओर से बिजली पारेषण में क्षति (छीजत) मात्र 20 से 22 प्रतिशत होने की जानकारी को खारिज करते हुए कहा कि प्रदेश में बिजली की छीजत करीब 35 फीसद है । यदि इस छीजत पर रोक लगा दी जाए तो बिजली की दरें कम हो सकती हैं तथा दिल्ली की तर्ज पर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को बिजली की दरों में रियायत देने पर विचार किया जा सकता है।

खिवसर ने कहा कि सरकार अपने वायदे के अनुसार आठ घंटे निरन्तर बिजली आपूर्ति के लिए प्रयासरत है और मौजूदा समय में बिजली तंत्र के अनुरूप छह से सात घंटे तक बिजली मिल रही है। बिजली तंत्र को मजबूत करने के बाद बिजली की आपूर्ति और बढ़ जायेगी। उन्होंने कहा कि फसल पकाई का समय होने के कारण बिजली सुधार के नाम पर बिजली की आपूर्ति रोकी नहीं जा सकती है। निर्दलीय हनुमान बेनीवाल और उर्जा मंत्री गजेन्द्र सिंह खिवसर के बीच नागौर जिले के खिवसर में अवैध नलकूप कनेक्शन को लेकर हुए आरोप प्रत्यारोप के बाद अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने बेनीवाल को आसन की अनुमति लेकर ही बोलने का निर्देश दिया।

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