शिक्षा के क्षेत्र में शिखर पर पहुंच सकता है भारत: प्रणव

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Thursday, February 06, 2014-5:12 PM

नई दिल्ली: राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने आज कहा कि भारत शिक्षा के क्षेत्र में दुनिया का अग्रणी देश बन सकता है, बशर्ते इसके लिए तीव्र इच्छाशक्ति जागृत और नेतृत्व क्षमता विकसित की जाए। मुखर्जी ने देश के केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के सम्मेलन में अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि भारत शिक्षा के क्षेत्र में सर्वोच्च शिखर पर पहुंच सकता है, लेकिन इसके लिए तीव्र इच्छा शक्ति जागृत करने  और बेहतरीन नेतृत्व क्षमता विकसित करने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा हासिल करना अब केवल कुलीन वर्ग का विशेषाधिकार नहीं रहा, बल्कि यह सार्वलौकिक अधिकार है। पिछले डेढ साल के कार्यकाल में 17 विश्वविद्यालयों सहित 58 संस्थानों के अपने दौरे का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन संस्थानों में अपार क्षमताएं मौजूद हैं। जिनका दोहन अभी तक नहीं हुआ है। देश के विद्वजनों की विद्वता और युवा विद्यार्थियों की बहुलता को सही दिशा दिये जाने का इंतजार है। उन्होंने सम्मेलन में इन पहलुओं पर विचार करने की भी आवश्यकता जताई।


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