84 दंगा: एस.आई.टी. करेगी जांच

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Thursday, February 06, 2014-11:57 PM
नई दिल्ली(अशोक शर्मा): पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद राजधानी में 1984 में भड़के सिख विरोधी दंगों की दिल्ली सरकार ने अब विशेष जांच दल (एस.आई.टी.) से जांच करवाने का निर्णय किया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में वीरवार को हुई दिल्ली सरकार के मंत्रिमंडल की बैठक में एस.आई.टी. गठित करने और उसके कार्य क्षेत्र को मंजूरी दी गई। सरकार एस.आई.टी. के गठन के लिए उपराज्यपाल नजीब जंग को औपचारिक प्रस्ताव भेजकर इसकी सिफारिश की है। 
 
दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसौदिया ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद बताया कि एस.आई.टी. एक साल में अपनी जांच पूरी करेगा। इसमें दिल्ली पुलिस का एक भी अधिकारी नहीं होगा क्योंकि उसकी भूमिका पहले से ही शक के घेरे में है। एस.आई.टी. को उन मामलों को भी खोलने का अधिकार होगा जिन्हें बंद किया जा चुका है।
 
विशेष जांच दल नवम्बर, 1984 में हुए दंगों की एफ.आई.आर.की फि र से जांच करेगा और जिनका अता-पता नहीं मिलेगा, उन मामलों को ही बंद किया जाएगा, दंगों से संबंधित ऐसे मामलों की एफ.आई.आर. दर्ज की जाएगी, जिनकी प्राथमिकी पहले दर्ज नहीं की गई हो, ऐसे आरोपों की जांच करेगा जिनके अंतर्गत सबूत और गवाहों को समाप्त कर दिया गया हो, उन केसों की जांच भी करेगा और कानून के तहत ऐसे मामलों में जहां पर्याप्त सबूत हैं उनके विरुद्ध मामले तय कर अदालत में चार्जशीट दायर करेगा।
 
सिसोदिया ने बताया कि 1984 से जुड़ी हुई उन सभी फाइलों को फि र से खोला जाना चाहिए जो अब बंद कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि हमारी यह भी मांग है कि दिल्ली में हुए इन वीभत्स दंगों की जांच किसी और राज्य की पुलिस को दे दी जाए। याद रहे कि आहूजा कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार नवम्बर 84 में हुए दंगों में 2733 लोग मारे गए थे।
 
 इस मामले में 587 एफ.आई.आर.दर्ज की गई थीं, जिसमें से 241 मामलों को पुलिस ने सबूतों के अभाव में बंद कर दिया गया था। लेकिन अब सभी मामलों को पुन: खोलकर उनकी जांच की जाएगी ताकि कानून के तहत पाए जाने वाले दोषियों को जल्द से जल्द कानून के अनुसार सजा दी जा सके।

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