बुजुर्ग हो या बच्चा,यहां सब बंधुआ मजदूर हैं जनाब

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Friday, February 07, 2014-12:41 AM

नई दिल्ली (सज्जन चौधरी): दिल्ली पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में कई बंधुआ मजदूरों को छुड़ाया है। इनमें बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं। दिन रात काम के बदले इन मजदूरों को 100 रुपए प्रति सप्ताह दिए जाते थे।

बच्चों को गंदी-गंदी गालियां और मार-पीट तक का सामना करना पड़ता था। फैक्ट्री मालिकों ने इन मजदूरों से कोरे कागज पर दस्तखत करवा रखे थे, जिसे वे कभी भी इनके खिलाफ इस्तेमाल करने की धमकी देते थे। पहले मामले में पुलिस ने फिल्मिस्तान की चार फैक्ट्रियों से 34 बच्चे छुड़ाए हैं। जिनमें 29 बच्चे बिहार से, 4 उत्तर प्रदेश और एक बच्चा नेपाल से है।

दूसरे मामले में पुलिस ने सदर बाजार पान मंडी से दो लोगों को छुड़ाया गया है। जिसमें एक 70 साल का बुजुर्ग भी शामिल है। ये लोग यहां पिछले 22 सालों से बंधुआ मजदूर के रूप में काम कर रहे थे। दिन-रात काम करने के एवज में उन्हें न के बराबर मजदूरी मिलती थी। पूरे मामले में एसडीएम कोतवाली बीएल. मीना, एसीपी सदर बाजार संजय सिंह और वीके. सिंह एडीशनल एसएचओ सदर बाजार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई की।


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