गांधी नगर कपड़ा मैनुफैक्चरिंगक्षेत्रों में हड़कंप

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Friday, February 07, 2014-12:49 AM
नई दिल्ली : गांधी नगर में चल रहे सीलिंग के मामले में फैक्टरी मालिकों को आम आदमी पार्टी की सरकार का भी साथ मिलता नहीं दिख रहा है। फैक्टरी मालिकों ने हाईकोर्ट के फैसले के बाद मुख्यमंत्री से गुहार लगाई थी लेकिन अभी तक उनकी तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। 
 
क्षेत्र के करीब 3 हजार फैक्टरियों के मालिक अब सीङ्क्षलग के खिलाफ एकजुट होने लगे हैं। उनकी तैयारी है कि हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाए। फैक्टरी मालिक यूनियनों का कहना है कि वे इस मुद्दे को लेकर जंतर-मंतर पर धरना देने की तैयारी कर रहे हैं। फैक्टरी मालिक भाजपा नेता डॉ. हर्षवर्धन और कांग्रेस नेताओं से मिलेंगे। 
 
सीङ्क्षलग को लेकर कुछ दिनों से चल रही रस्साकसी से गांधी नगर के रैडीमेड कपड़ा बनाने वाले क्षेत्रों में बेचैनी पसरी हुई है। बुधवार को सीङ्क्षलग के विरोध में निकला मालिकों और कर्मचारियों का मार्च पुलिस से भिड़ंत में तब्दील हो गया था। हालांकि, वीरवार को क्षेत्र में सीङ्क्षलग का दस्ता नहीं आया लेकिन सीङ्क्षलग की गाज गिरने के आसार से फैक्टरी मालिक ङ्क्षचतित हैं। 
 
व्यापारी नेता संजय जैन का कहना है कि अगर 3 लाख लोग बेरोजगार हो जाएंगे तो इससे दिल्ली में बड़ा हंगामा खड़ा हो सकता है। फैक्टरी मालिक तो कुछ न कुछ कर लेंगे लेकिन मजदूरों तो भूखमरी की हालत में पहुंच जाएंगे। गांधी नगर के रघुबरपुरा, कैलाशनगर, अजीत नगर, महिला कालोनी व शंकर नगर समेत अन्य क्षेत्र में करीब 3 हजार रैडीमेड कपड़ा बनाने की छोटी फैक्टरिया हैं। दावा है कि इस उद्योग में करीब 3 लाख लोगों को रोजगार मिला है।
 
 गांधीनगर मैनुफैक्चरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष सुदीप जैन के मुताबिक आम आदमी जो आम लोगों के दावे करती है वह भी हमारे साथ नहीं खड़ी हो रही है, जबकि लाखों लोगों का निवाला हलक में अटका है। एसोसिएशन के उपाध्यक्ष मनोज जैन ने सुप्रीम कोर्ट जाने का विकल्प बताते हुए कहा कि 1-2 दिनों में वे सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।

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