सॉलिसिटर जनरल और उपराज्‍यपाल की बातें लीक कैसे हुईं: आशुतोष

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Friday, February 07, 2014-5:14 PM

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी ने जनलोकपाल विधेयक पर सॉलीसीटर जनरल द्वारा उपराज्यपाल को लिखे एक पत्र के कथित तौर पर ‘लीक’ होने की घटना की जांच की आज मांग की। आप ने उपराज्यपाल पर ‘कांग्रेस के एजेंट’ की तरह काम करने का आरोप लगाया है।
पार्टी प्रवक्ता आशुतोष ने कहा, ‘‘उपराज्यपाल के पास जो कुछ गया, वह मीडिया के जरिए सार्वजनिक हो गया। उपराज्यपाल नजीब जंग कांग्रेस के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं और आम आदमी पार्टी की छवि धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि यह पहला मौका नहीं है जब उपराज्यपाल कार्यालय से सूचना लीक हुई और मामले की जांच की मांग की। उन्होंने कहा, ‘‘यह पहला मौका नहीं है जब उपराज्यपाल के साथ एक गोपनीय संवाद लीक हुआ हो, क्या उनका कार्यालय इस लीक में शामिल है।’’

आशुतोष ने ट्विट किया, ‘‘उपराज्यपाल जंग और सॉलीसीटर जनरल के बीच गोपनीय पत्र कैसे लीक हुआ? किसने लीक किया? इसकी जांच होनी चाहिए।’’ यह दिलचस्प बात है कि जिस दिन आप को सरकार गठन के लिए न्योता दिया गया, उस समय से इसने उपराज्यपाल के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध का परिचय दिया है।  यहां तक कि जब केंद्रीय गृहमंत्रालय, दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार के बीच पिछले महीने तकरार चली, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सार्वजनिक रूप से जंग की सराहना करते हुए उन्हें एक ‘बढिय़ा आदमी’ बताया था। जंग ने केजरीवाल को समझौते तक पहुंचाने को लेकर मनाने के लिए एक बड़ी भूमिका निभाई।  कल सॉलीसीटर जनरल मोहन परासरन ने उन्हें इस बात से अवगत कराया कि यदि मंजूरी के बगैर इसे लागू किया जाता है तो यह अवैध होगा। केंद्र की मंजूरी मांगे बगैर जनलोकपाल विधेयक को लागू करने के दिल्ली सरकार के प्रस्ताव की संवैधानिकता पर जंग ने परासरन का विचार मांगा था।

आशुतोष ने कहा, ‘‘सॉलीसीटर जनरल ने जो कुछ कहा वह एक कानूनी राय है और कानूनी मुद्दों पर विचार अलग हो सकते हैं। हमनें जो कानूनी राय मांगी है उसके मुताबिक यह :जनलोकपाल विधेयक को पारित करने की प्रक्रिया: पूरी तरह से वैध है और हम विधानसभा में विधेयक लाएंगे।’’ आप नेता ने और वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि इस अधिनियम में एक प्रावधान है कि जिस चीज की पूर्व मंजूरी की जरूरत है, सिर्फ इसलिए कि उसे पूर्व मंजूरी के लिए नहीं भेजा गया उसे असंवैधानिक नहीं बनाता क्योंकि आखिरकार राष्ट्रपति अपनी मंजूरी देंगे। उन्होंने कहा कि वह कार्यप्रणाली के बारे में बात कर रहे हैं...।


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