राज्यसभा में अलग-अलग मुद्दों पर हंगामा

  • राज्यसभा में अलग-अलग मुद्दों पर हंगामा
You Are HereNcr
Friday, February 07, 2014-1:48 PM

नई दिल्ली: विभिन्न दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा की बैठक शुरू होने के कुछ ही देर बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। सदन की बैठक शुरू होने पर सभापति हामिद अंसारी ने कहा कि कई दिन हो गए, हम ऐसी स्थिति में खुद को पा रहे हैं जहां सदस्य आसन के समक्ष आ जाते हैं और हम सदन की गरिमा का उल्लंघन होते देखने के लिए बाध्य हो जाते हैं।

उन्होंने कहा कि वे सदस्यों को यह सूचित करना चाहते हैं कि अब से यह हंगामा सदन की कार्यवाही में प्रतिबिम्बित होगा। सभापति ने कहा कि आज सुबह दो मुद्दों राष्ट्रीय राजधानी में बीते दिनों पूर्वोत्तर के एक छात्र पर हमला और उसकी मौत के कारण उत्पन्न स्थिति तथा श्रीलंका की नौसेना द्वारा तमिल मछुआरों को गिरफ्तार किए जाने पर चर्चा करने के बारे में सदस्यों से नोटिस मिले। उन्होंने कहा आसन को चर्चा के लिए नोटिस स्वीकार करने में कोई दिक्कत नहीं है।

उन्होंने सदस्यों से समुचित नोटिस देने के लिए कहा। भाजपा के एम वेंकैया नायडू ने कहा कि पूर्वोत्तर के छात्र की मौत के मामले पर चर्चा के लिए नोटिस पहले दिया जा चुका है। उन्हें अंसारी ने कहा कृपया नोटिस दें। उसे मैं स्वीकार करूंगा। अन्नाद्रमुक के वी. मैत्रेयन ने मछुआरों के मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की। द्रमुक सदस्यों ने भी इसी मुद्दे पर चर्चा की मांग दोहराई जबकि भाजपा और असम गण परिषद के सदस्य पूर्वोत्तर के छात्र की मौत के मुद्दे पर चर्चा चाहते थे।

इसी बीच, आंध्रप्रदेश के विभाजन का विरोध कर रहे तेदेपा सदस्य आसन के समक्ष आ गए। साथ ही अगप, द्रमुक और अन्नाद्रमुक के सदस्य भी आसन के समक्ष आ गए और नारेबाजी करने लगे। हंगामा थमते न देख सभापति ने बैठक 11 बज कर करीब 3 मिनट पर दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

वहीं एक बार के स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे बैठक शुरू होने पर भी राज्यसभा में वही नजारा दिखा और तेदेपा, द्रमुक और अन्नाद्रमुक के सदस्य विभिन्न मुद्दे उठाते हुए आसन के समीप आ गए। उधर भाजपा, सपा, जदयू, भाकपा आदि दलों के सदस्य भी अपने स्थानों पर खड़े होकर अपने अपने मुद्दे उठा रहे थे।

हंगामे के बीच ही सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री मल्लिकार्जुन खडग़े ने नि:शक्त व्यक्ति अधिकार विधेयक, 2014 सदन में पेश किया। इस पर माकपा के सीताराम येचुरी सहित कई सदस्यों ने इसे स्थायी समिति को भेजने की मांग की। उपसभापति पी.जे कुरियन ने सदस्यों को आश्वासन दिया कि इस बारे में सभापति विचार करेंगे। कुरियन ने हंगामे के बीच ही आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए और बैठक दोपहर ढाई बजे तक के लिए स्थगित कर दी।


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You