‘देश को सरदार पटेल के सेकुलरिज्म की आवश्यकता’

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Friday, February 07, 2014-1:39 PM

भोपाल: भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रका धनकड़ ने विभिन्न मोर्चा एवं प्रकोष्ठों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए आज कहा कि गुजरात में बनाई जा रही स्टेच्यू ऑफ यूनिटी से देश में तेजस्विता की भावना का विस्तार होगा। उन्होंने यहां कहा कि अंडमान निकोबार में सेल्युलर जेल में कभी कोई कांग्रेसी सजा भोगने नहीं गया और न उसने यातनाएं सही लेकिन बिडंम्बना है कि जिन महापुरूषों ने यातनाएं सही उनका कांग्रेस ने और उसकी सरकारों ने अपमान ही किया है।

 

उन्होनें आरोप लगाया कि आजादी के बाद जो सही इतिहास लिखा जाना था उसे दबाया गया देश को पं. नेहरु के नहीं सरदार पटेल के सेकुलरिज्म की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल के कृतित्व और व्यक्तित्व को जितना इतिहास में छिपाया और दबाया गया है वह आने वाली पीढ़ी के साथ छलावा है। स्टेच्यू ऑफ युनिटी से इस दिशा में एक सकारात्मक पहलु उजागर होगा। उन्होंने कहा कि अंडमान के पास वायपर टापू है जहां सिर्फ जहरीले सांप रहते है उसे ही फिरंगियों ने जेल माना था और स्वतंत्रता संग्राम सैनानियों को उस टापू पर छोड दिया जाता था सेलुलर जेल बाद में बनाया गया।

 

सावरकर दशकों तक सेलुलर जेल में रहे। यातनाएं भोगी लेकिन उनकी जो स्मृति पट्टिका एनडीए सरकार के समय लगाई गयी थी उसे कांग्रेस ने सत्ता में आते ही निकालकर क्रांतिकारी के साथ ही अन्याय ही नहीं किया अपना पाखंड उजागर किया है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद दिल्ली में ऐसा कोई स्मारक नहीं बनाया गया है जिस पर हम आजादी का गर्व कर सकें। धनकड़ ने कहा कि स्टेच्यू ऑफ यूनिटी में गांव-गांव से लाकर लगाया जा रहा लोहा और गांव की शहीदी मिटटी का इस्तेमाल इसलिए किया जा रहा है ताकि देश की जनता को अपनेपन का अहसास हो और वह एकता की प्रतिमा पर गर्व का अनुभव कर सके।


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