केजरीवाल के खिलाफ शिकायत: तलब करने से पहले साक्ष्य दर्ज करेगी अदालत

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Friday, February 07, 2014-5:34 PM

नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने आज कहा कि वह विधानसभा चुनावों से पहले दिये अपने हलफनामे में कथित रूप से ‘‘गुमराह करने वाली जानकारियां’’ देने के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ दर्ज आपराधिक शिकायत पर समन जारी करने से पहले 10 मार्च से साक्ष्य दर्ज करेगी।  मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट स्वाति कटियार ने याचिकाकर्ता गैर सरकारी संगठन की ओर से पेश अधिवक्ता की दलीलें सुनीं और इस मामले को 10 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया।

अदालत ने कहा कि दलीलें सुनी गई हैं। समन जारी करने से पूर्व साक्ष्यों को दर्ज करने करने का काम दस मार्च को होगा।  संगठन ‘मौलिक भारत ट्रस्ट’ ने अपनी शिकायत में पदाधिकारियों के जरिये आरोप लगाया कि केजरीवाल अपना सही पता छिपाकर और अपनी संपत्ति का बाजार मूल्य कम करके चुनाव आयोग को ‘‘जानबूझकर गुमराह किया’’।

संगठन के वकील राहुल राज मलिक ने आज सुनवाई के दौरान दलील दी कि यहां जामनगर हाउस में संबंधित प्राधिकार के सामने केजरीवाल द्वारा हलफनामा दायर किया गया जो इस अदालत के क्षेत्राधिकार में आता है। दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि वह समन जारी करने से पहले सुनवाई की अगली तारीख पर साक्ष्य दर्ज करेगी। याचिका में आरोप लगाया गया कि संबंधित संपत्ति का सही पता और बाजार मूल्य छिपाना और इसे कम करके दिखाना जनप्रतिनिधि कानून 1951 की धारा 125ए के तहत अपराध है जिसमें छह महीने के कारावास या,और जुर्माना या दोनों की सजा का प्रावधान है।

इससे पहले, एनजीओ ने दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर करके चुनाव आयोग के सामने दायर हफलनामे में गलत जानकारियां देने के आधार पर केजरीवाल के नामांकन पत्र को खारिज करने की मांग की थी। उच्च न्यायालय ने याचिका स्वीकार करने से इंकार करते हुए याचिकाकर्ताओं को मजिस्ट्रेट अदालत में जाने का निर्देश दिया था।


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