पूर्वोत्तर युवक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट दायर नहीं करने पर अदालत ने पुलिस को आड़े हाथ लिया

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Friday, February 07, 2014-10:11 PM
नई दिल्ली  : दिल्ली उच्च न्यायालय ने आज अरूणाचल प्रदेश के 19 वर्षीय युवक निडो तानिया की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पेश नहीं करने पर दिल्ली पुलिस को आड़े हाथ लिया । कोर्ट ने एम्स तथा सी.बी.आई. से सोमवार को देरी के कारणों के साथ स्थिति से अवगत कराने के लिए कहा।
 
अदालत ने दिल्ली सरकार से हर दिन उसके अस्पतालों में हुए पोस्टमार्टम की संख्या और रिपोर्ट देने में लगे समय के बारे में जानकारी देने वाली रिपोर्ट दायर करने को कहा। अदालत ने कहा कि राजधानी में सबूतों की जांच करने के लिए ‘साधारण’ आधारभूत ढांचा है।
 
अदालत ने कहा कि घृणित अपराधों पर निरंतर ध्यान देने के लिए ‘केन्द्रीय निगरानी प्रणाली’ होनी चाहिए। अदालत ने पुलिस से इस तरह के सभी मामलों की जानकारियां देने को कहा। मुख्य न्यायाधीश एन वी रमण ने कहा, ‘‘हम समाज के एक वर्ग को सुरक्षा उपलब्ध कराने में नाकाम रहे। यह बहुत हैरानी भरा है। 
 
कानून व्यवस्था एवं जांच से जुड़े कई मामलों पर गौर कर रहे उच्च न्यायालय ने कहा, ‘‘क्या एम्स एकमात्र अस्पताल है जो पोस्टमार्टम करता है? अगर आप इस तरह के सनसनीखेज मामले में इतने दिन में पोस्टमार्टम रिपोर्ट देने में असफल हैं तो अन्य मामलों की क्या स्थिति होगी? तानिया मामले की जांच की प्रगति के बारे में पूछने पर दिल्ली पुलिस ने कहा, ‘‘हम आरोपपत्र दायर करने में 15 दिन से अधिक समय नहीं लेंगे। हम पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं क्योंकि यह विसरा विश्लेषण और हिस्टो पैथोलोजिकल रिपोर्ट की कमी के कारण तैयार नहीं है।
 
        
 
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