वक्फ सम्पत्ति पर धीमी प्रगति को देखते हुए अब ‘आउटसोर्स’ होगा कार्य: रहमान खान

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Sunday, February 09, 2014-1:13 PM

नई दिल्ली: अल्पसंख्यकों के सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए केंद्रीय मंत्री के रहमान खान ने कहा कि वक्फ सम्पत्ति और अभिलेखों के कम्प्यूटरीकरण की योजना पर धीमी प्रगति को देखते हुए इस कार्य को अब ‘आउटसोर्स’ किया जा रहा है। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री ने कहा कि समान अवसर समिति संबंधी विधेयक को संसद के वर्तमान विस्तारित शीतकालीन सत्र में पेश किया जायेगा।

रहमान खान ने कहा, ‘‘देश में लाखों की तादाद में वक्फ सम्पत्ति है। संसदीय समिति ने पूरी वक्फ सम्पत्ति के कम्प्यूटरीकरण की बात कही थी। इसी के अनुरूप मंत्रालय ने इस योजना को आगे बढ़ाया। केंद्र सरकार ने इस मद में 25 करोड़ रुपए आवंटित किए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘गलती यह हुई कि यह जिम्मेदारी और पैसा उन वक्फ बोर्ड को दे दी गई जिनके पास क्षमता और पात्रता नहीं थी। इस पैसे का इस्तेमाल मानव संसाधन एवं हार्डवेयर जुटाने में किया गया। इस योजना का हालांकि 60 प्रतिशत काम पूरा हुआ है, पर हमने बाकी कार्य को ‘आउटसोर्स’ करने का निर्णय किया और निविदा आमंत्रित की ताकि काम जल्दी से पूरा किया जा सके।’’

समान अवसर आयोग के बारे में एक सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘यह सच्चर समिति की सिफारिशों में शामिल है। पहले यह सोचा गया कि समान अवसर आयोग सबके लिए हो, सिर्फ एक वर्ग के लिए नहीं। मगर जब यह बात सरकार के ध्यान में आई, तब इसे मंत्रियों के समूह (जीओएम) को सौंपा गया।’’ रहमान खान ने कहा कि यह विचार आया कि अगर सभी के लिए समान अवसर आयोग आयेगा तब अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति आयोग, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग समेत अन्य आयोगों का क्या होगा ? इस तरह से समानांतर आयोग बनेेंगे तब मुश्किल पेश आयेगी। इस संदर्भ में जीओएम ने अल्पसंख्यकों के लिए समान अवसर आयोग गठित किये जाने का सुझाव दिया। 

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