कृषि क्षेत्र में जबर्दस्त प्रगति के लिए राष्ट्रपति ने पवार की सराहना की

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Sunday, February 09, 2014-4:09 PM

नागपुर: राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने पिछले 10 साल के दौरान देश में कृषि क्षेत्र में हुई ‘जबर्दस्त प्रगति’ के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार की आज सराहना की। यहां पांच दिवसीय राष्ट्रीय कृषि प्रदर्शनी ‘कृषि वसंत, 2014’ का उद्घाटन करने के बाद मुखर्जी ने कहा, ‘‘ इन दस वर्षों में हमने विभिन्न फसलों के उत्पादन में जबर्दस्त उपलब्धि हासिल की है।’’ राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले 10 वर्ष से कृषि मंत्री के तौर पर काम कर रहे पवार ने कृषि क्षेत्र को ‘एक नयी दिशा’ दी है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता महाराष्ट्र के राज्यपाल के. शंकरनारायणन ने की। इस अवसर पर पवार के अलावा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण भी मौजूद थे। इस बीच, राष्ट्रपति ने नवीनतम प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए उद्योग जगत से किसानों के साथ हाथ मिलाने का आग्रह किया। मुखर्जी ने कहा कि भारत खाद्यान्न के लिए अब विदेशों पर निर्भर नहीं रह गया है, बल्कि इसके उलट वह अपनी उपज का निर्यात करने की स्थिति में है। यह उद्योग और कृषि क्षेत्र के लिए एक मंच पर साथ आने का उपयुक्त समय है ताकि नवीनतम प्रौद्योगिकियों का उपयोग कर कृषि उत्पादन बढ़ाया जा सके।

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत चावल का निर्यात करने वाला दुनिया का अव्वल निर्यातक है, जबकि गेहूं का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक है। दलहन के निर्यात में भी भारत पीछे नहीं रह गया है। केंद्रीय वित्त मंत्री के तौर पर अपना कार्यकाल याद करते हुए मुखर्जी ने कहा कि उन्होंने देश के पूर्वी भाग में चावल का उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया था जिसके नतीजे अब सामने आने लगे हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि देश के चावल उत्पादन का 51 प्रतिशत अब पश्चिम बंगाल, असम, झारखंड और बिहार एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश जैसे पूर्वी राज्यों से आता है। मुखर्जी ने कहा कि सरकार ने फसल अध्ययन, फसल रिण व आधुनिक प्रौद्योगिकी सहित कई पहल की है ताकि कृषि क्षेत्र की मदद की जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने किसानों के बीच कुल 7 लाख करोड़ रपये के करीब रिण वितरित किए हैं।

संप्रग सरकार की खाद्य सुरक्षा योजना की सराहना करते हुए मुखर्जी ने कहा कि यद्यपि कुछ लोग इस योजना के चलते खाद्यान्न की उपलब्धता में कमी को लेकर आशंकित हैं, जरूरतें पूरी करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पर्याप्त उत्पादन है। उन्होंने बंपर फसल का उत्पादन करने के लिए किसानों को बधाई दी और उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भी वे ऐसा करना जारी रखेंगे।

कृषि मंत्री शरद पवार ने अपने संबोधन में कहा कि भारत अच्छी गुणवत्ता के बीज व नयी प्रौद्योगिकी की वजह से अब चावल, गेहूं और चीनी का निर्यात करने की स्थिति में है। पवार ने कहा कि कृषि क्षेत्र श्रम की कमी की समस्या का सामना कर रहा है, इसलिए मशीन से खेती आज के समय की जरूरत है।


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