उत्तराखंड आपदा में तबाह हुए क्षेत्रों के पुनर्निर्माण के लिए स्पेशल जोन

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Sunday, February 09, 2014-5:12 PM

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने आज कहा कि प्रदेश में पिछले साल आयी भीषण प्राकृतिक आपदा में बुरी तरह तबाह हुए केदारनाथ, रामबाड़ा और गौरीकुंड जैसे क्षेत्रों को पुनर्निर्माण की दृष्टि से नौ विशष जोनों के रूप में चिन्हित किया गया है।  यहां ‘विकास दिवस’ के मौके पर एक संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री रावत ने बताया कि इन नौ विशेष जोनों में से सर्वाधिक तबाह हुए रामबाड़ा से केदारनाथ तक के क्षेत्र को अतिविशेष जोन के रूप में चिन्हित किया गया है जिसके पुनर्निर्माण के लिये अलग से व्यवस्था की जाएगी।
 
उन्होंने कहा कि अन्य आठ विशेष जोनों का प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) पद के लिए क्वालीफाई हो चुके वरिष्ठ उपजिलाधिकारियों (एसडीएम) को बनाया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बात पर भी विचार किया जा रहा है कि जोन के प्रभारियों को पांच करोड़ रूपये तक की योजनाओं की स्वीकृति अपने स्तर से देने का अधिकार दे दिया जाये।
 
आपदा से बेहाल हो गये राज्य के पुनर्निर्माण कार्य को जल्द पूरा करने को अपनी सरकार की प्राथमिकता बताते हुए रावत ने कहा कि गौरीकुंड से रामबाड़ा तक पैदल मार्ग के निर्माण का कार्य एक हफ्ते में शुरू हो जायेगा। हालांकि रामबाड़ा से केदारनाथ तक का रास्ता बनाने के लिये मौसम ठीक होने का इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले पांच मई तक रामबाड़ा से केदारनाथ मंदिर तक का पैदल मार्ग बना लिया जायेगा जिससे श्रद्धालुओं को वहां पहुंचने में कोई दिक्कत न हो।


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