शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं देश के केन्द्रीय विश्वविद्यालय

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Monday, February 10, 2014-12:17 AM
नई दिल्ली (मनीष राणा) : देश में शिक्षा में सुधार और बदलाव के बड़े बड़े दावे हो रहे है। उच्च शिक्षा में सुधार के  इन दावों की पोल केंद्रीय विश्वविद्यालयों में खाली चल रहे शिक्षकों के पद खोल रहे है। जिसमें देश की एजुकेशन को प्रजेंट करने वाला दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) सबसे पीछे है। डीयू में शिक्षकों के सबसे 'यादा पद रिक्त हैं। 
 
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी)  ने इस बाबत केन्द्रीय विश्वविद्यालयों में रिक्त पडी सीटों का ब्योरा जारी किया है। जिसमें दिल्ली के तीन केन्द्रीय विश्वविद्यालयों में शिक्षको के खाली पदों की स्थिति का भी खुलासा किया गया है। यूजीसी ने विश्वविद्यालयों में सामान्य एवं आरक्षित श्रेणी में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के खाली पदों का विस्तार हाले बयां किया है। 
 
 यूजीसी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार डीयू में प्रोफेसर के 15, एसोसिएट प्रोफेसर के 383 और असिस्टेंट प्रोफेसर के 420 पद खाली हैं।  इस तरह डीयू में शिक्षकों के कुल 953 पद खाली चल रहे हैं। जामिया मिल्लिया इस्लामिया में प्रोफेसर के 35, एसोसिएट प्रोफेसर के 27 और असिस्टेंट प्रोफेसर के 44 पद खाली हैं। वहीं जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय की में खाली पदों की स्थिति देखें तो यहां प्रोफेसर के 89, एसोसिएट प्रोफेसर के 127 और असिस्टेंट प्रोफेसर के 83 पद खाली हैं। 
 
उत्तरप्रदेश के अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के 87, एसोसिएट प्रोफेसर 115 और असिस्टेंट प्रोफेसर के 247 पद खाली हैं। इस विश्वविद्यालय में शिक्षकों के कुल 449 पद खाली चल रहें हैं, जिन पर नियुक्तियां नहीं की गई है। बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के 118, एसोसिएट प्रोफेसर के 196 और असिस्टेंट प्रोफेसर के 343 पद रिक्त चल रहे हैं। विश्वविद्यालय में शिक्षकों के 647 पद खाली हैं, जिन्हें भरा नहीं गया हैं। 
बीआर अंबेडकर यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर के 12, एसोसिएट प्रोफेसर के 13 और असिस्टेंट प्रोफेसर पर 16 पद खाली है। यूनिवर्सिटी में इस प्रकार शिक्षको के 41 पद रिक्त हैं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के 65, एसोसिएट प्रोफेसर के 129 और असिस्टेंट प्रोफेसर के 317 पद खाली हैं। इस यूनिवर्सिटी में शिक्षकों के 511 पद रिक्त चल रहे हैं। इस प्रकार कुल 39 विश्वविद्यालयों में से 17 विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के 3 हजार 922 पद खाली चल रहे हैं।  
 
इस प्रकार बिहार, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू एंड कश्मीर, झारखंड, कर्नाटका, केरला, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान व तमिलनाडू स्थित केन्द्रीय विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के 128 पद रिक्त हैं। इसी तरह असम, असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम व त्रिपुरा के केन्द्रीय विश्वविद्यालयों में कुल 577 पद रिक्त हैं। 

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