राष्ट्रपति का केजरीवाल पर निशाना, संविधान का पालन पार्टियों की ड्यूटी

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Monday, February 10, 2014-3:21 PM

नई दिल्ली:  ‘आप’ के जनलोकपाल विधेयक को लेकर पैदा हुए विवाद के बीच, राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने आज कहा कि किसी कानून की वैधता, चाहे वह केंद्र का हो या राज्य का- उसकी जांच संविधान में की गयी व्याख्या के अनुसार न्यायपालिका द्वारा की जाती है। राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘ संसद का मुख्य कार्य है-सामाजिक , आर्थिक और राजनीतिक-  हर मोर्चे पर लोगों को सशक्त बनाने के लिए कानून बनाना, कार्यपालिका पर नियंत्रण रखना और उसे सभी तरह से जवाबदेह बनाना।’’

मुखर्जी ने संसद के केंद्रीय कक्ष में आयोजित एक समारोह में कहा, ‘‘ कानून की वैधता- चाहे वह केंद्र का हो या राज्य का- उसकी वैधता की परख न्यायपालिका द्वारा की जाती है जैसा कि संविधान में व्याख्यातित है।’’राष्ट्रपति की यह टिप्पणी ऐसे समय में आयी है जब दिल्ली सरकार जनलोकपाल विधेयक को लेकर केंद्र सरकार के साथ टकराव की स्थिति में है। 

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कह चुके हैं कि बिना गृह मंत्रालय की मंजूरी के जनलोकपाल विधेयक दिल्ली विधानसभा में रखेंगे और इससे संबंधित गृह मंत्रालय के निर्देशों को उन्होंने ‘‘असंवैधानिक ’’ बताया है।  केजरीवाल ने 12 साल पुराने गृह मंत्रालय के उस निर्देश को वापस लिए जाने की मांग की है जो दिल्ली विधानसभा में पेश किए जाने से पूर्व सभी विधेयकों को केंद्र को भेजना अनिवार्य करता है।

वहीं, आम आदमी पार्टी के नेता प्रशांत भूषण ने कहा है कि यदि जनलोकपाल कानून नहीं बन पाया तो फिर सरकार बनने का भी कोई फायदा नहीं है। उन्होंने कहा कि वे संविधान की मर्यादा में रहकर कानून बनाना चाहते हैं। राष्ट्रपति ने क्या कहा, पता नहीं। 


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