संसद में कामकाज पर सांसदों को आत्मचिंतन करना चाहिए : प्रणब मुखर्जी

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Monday, February 10, 2014-2:45 PM

नई दिल्ली: संसद में कामकाज के बाधित होने पर चिंता व्यक्त करते हुए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आज सांसदों से सदन में कामकाज पर आत्मचिंतन करने को कहा। राष्ट्रपति ने जोर दिया कि संसद में चर्चा के जरिये कामकाज होता है और सभी पक्षों के लिए यह जरूरी है कि वे संसदीय परंपरा और नियमों का पालन करें।

राष्ट्रपति ने कहा कि संसद व्यवधान के जरिये नहीं बल्कि चर्चा, विचारों की अभिव्यक्ति और अंतत: निर्णय करके चलती है। संसदीय कामकाज और अन्य लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाने के लिए यह जरूरी है कि सरकार, राजनीतिक दल, उनके नेता और सांसद समेत सभी पक्ष कुछ आत्मचिंतन करें और स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपरा और नियमों का पालन करें। राष्ट्रपति संसद के केंद्रीय कक्ष में पूर्व लोकसभा अध्यक्षों और केंद्रीय विधान सभाओं के अध्यक्षों के चित्रों का अनावरण करने के मौके पर बोल रहे थे।


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