बिजली मंत्रालय डिस्काम को 6,000 करोड़ रूपए सब्सिडी देने की तैयारी में

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Monday, February 10, 2014-4:53 PM

नई दिल्ली: बिजली मंत्रालय ने ईंधन की किल्लत से जूझ रही बिजली परियोजनाओं के लिए गैस खरीदने की प्रक्रिया शुरू की है और बिजली वितरण कंपनियों के लिए 6,000 करोड़ रूपए सब्सिडी का प्रस्ताव किया है ताकि वे सस्ती दरों पर उपभोक्ताओं को बिजली बेच सकें।
 
हालांकि, रिलायंस इंडस्ट्रीज के केजी डी6 बेसिन से गैस पर चल रहे बिजली संयंत्रों को ईंधन प्राप्त करने के लिए प्रतीक्षा करनी पड़ेगी क्योंकि उन फील्ड्स से अतिरिक्त गैस संकटग्रस्त दाभोल परियोजना के लिए मार्च, 2015 तक आरक्षित की गई है।

सूत्रों के मुताबिक, बिजली मंत्रालय ने ईंधन की कमी का सामना कर रही बिजली परियोजनाओं के लिए गैस की उपलब्धता के मुद्दे पर एक कैबिनेट नोट जारी किया है।

पिछले सप्ताह जारी किए गए इस नोट में कहा गया है कि केंद्र सरकार महंगी बिजली खरीदने और इसे छूट पर ग्राहकों को बेचने के लिए बिजली वितरण कंपनियों को सब्सिडी देगी। यह सहयोग एपीएम प्रशासित मूल्य निर्धारण प्रणाली गैस आधारित संयंत्रों के लिए होगा जो अप्रैल, 2014 से मूल्यवृद्धि से प्रभावित होंगे।
 
बिजली वितरण कंपनियां दो साल के लिए सरकारी सब्सिडी प्राप्त कर 5 रूपए प्रति यूनिट की दर पर बिजली बेच सकेंगी। बिजली मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा,‘‘ सरकार को इस सब्सिडी से 2014-15 में 3,500 करोड़ रूपए और 2015-16 में 2,500 करोड़ रूपए के वित्तीय बोझ का सामना करना पड़ेगा।’’उन्होंने कहा कि यह सब्सिडी सार्वजनिक क्षेत्र की बिजली वितरण कंपनियों को दी जाएगी।
 


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