निर्दलीय विधायक शौकीन ने 'आप' से वापस लिया समर्थन

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Monday, February 10, 2014-9:19 PM

नई दिल्ली: दिल्ली में आम आदमी पार्टी सरकार को आज उस समय एक और झटका लगा, जब निर्दलीय विधायक रामबीर शौकीन ने अरविंद केजरीवाल से अपना समर्थन वापस ले लिया। इसके साथ ही केजरीवाल की पार्टी 70 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत से फिसलकर 35 सदस्यों पर सिमट गई है। शौकीन अपने फैसले की जानकारी देने के लिए उप राज्यपाल से मिलने गए थे, लेकिन नजीब जंग के एक मीटिंग में व्यस्त होने के कारण वह उनसे नहीं मिल पाए।

शौकीन का दावा है कि सरकार ने चूंकि चुनाव से पहले किए गए वादे पूरे नहीं किए हैं इसलिए वह उससे अपना समर्थन वापस ले रहे हैं। उप राज्यपाल के कार्यालय से बाहर आने के बाद शौकीन ने कहा, ‘‘हमने पहले से समय नहीं लिया था और उपराज्यपाल को सीधे यह बताने चले आए कि मैं आप के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार से अपना समर्थन वापस ले रहा हूं। लेकिन हम उनसे मिल नहीं पाए क्योंकि वह एक मीटिंग में व्यस्त थे। हमने समय मांगा है और वह शायद कल हमें मिलने का समय देंगे।’’

शौकीन मुंडका विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीते थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में बिजली और पानी की समस्याओं पर बहुत से वादे किए थे, लेकिन कार्यभार संभालने के कई दिन बाद तक वह समस्याएं सुलझाने में नाकाम रहे। शौकीन ने कहा, ‘‘हमने गांवों पर लगी गैरजरूरी पाबंदियां हटाने, लाल डोरा सीमाओं का विस्तार, अनुबंध पर काम करने वाले शिक्षकों को स्थायी करने और पानी के मुद्दे पर आप को समर्थन दिया था।’’

उन्होंने कहा, ‘‘पिछली बार जब मैं, बिन्नी और जद (यू) विधायक शोएब इकबाल 4 फरवरी को केजरीवाल से मिले थे तो उन्होंने इन मामलों पर हमें एक सप्ताह के भीतर काम शुरू करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। मैंने केजरीवाल जी को फोन भी किया, लेकिन उन्होंने न तो जवाब दिया और न ही पलटकर मुझे फोन किया। इसलिए मैंने अपना समर्थन वापस लेने का फैसला किया।’’

शौकीन ने केजरीवाल और उनके मंत्रियों पर आरोप लगाया कि सरकार के गठन के बाद उन्होंने एक बार भी दिल्ली के गांवों का दौरा नहीं किया। हालांकि शौकीन के बाद जद (यू) विधायक शोएब इकबाल के पुत्र उप राज्यपाल के कार्यालय में आए और उन्हें एक पत्र सौंपा जिसमें कहा गया था कि वह आप सरकार को अपना समर्थन देना जारी रखेंगे। इकबाल के लिखे पत्र का मजमून है, ‘‘दिल्ली में मौजूदा राजनीतिक संकट को देखते हुए, मैं आपको सूचित करना चाहता हूं कि आम आदमी पार्टी सरकार के साथ मेरा समर्थन जारी रहेगा।’’

शोएब के पत्र के अनुसार, ‘‘जहां तक जन लोकपाल विधेयक का मामला है, मैं चाहता हूं कि जन लोकपाल विधेयक की वजह से जो राजनीतिक संकट पैदा हुआ है वह सभी दलों और व्यक्तियों के साथ मश्विरा करके सुलझाया जाए। मुझे उम्मीद है कि आप दिल्ली में मौजूदा राजनीतिक संकट हल करने के लिए जरूरी उपाय करेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली सरकार के लिए परेशानी बढ़ती जा रही है और उन्हें इसे हल करना होगा ताकि जनता और राजनीतिक दलों को फिर से चुनाव का सामना नहीं करना पड़े।

मैं जन लोकपाल विधेयक पर उनका समर्थन करूंगा, लेकिन अरविंद केजरीवाल की तरफ से जो बयान आया है, उससे ऐसा लगता है कि वह सरकार चलाने के इच्छुक नहीं हैं। 70 सदस्यीय विधानसभा में आम आदमी पार्टी की सदस्य संख्या 26 पर सिमट गई है। इससे पूर्व लक्ष्मीनगर विधानसभा के विधायक विनोद कुमार बिन्नी को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था और एक अन्य सदस्य को विधानसभा अध्यक्ष चुना गया।


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