प्रश्न पूछने को लेकर कांग्रेस सदस्यों का भारी हंगामा, 25 निलम्बित

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Tuesday, February 11, 2014-3:17 PM

रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा में बाल्को से जुड़े एक प्रश्न पर मामला उच्च न्यायालय में लम्बित होने के कारण मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह के जवाब देने से इंकार करने पर कांग्रेस सदस्यों ने कल भारी हंगामा किया। उत्तेजित कांग्रेस सदस्य नारेबाजी करते हुए अध्यक्ष के आसन के सामने पहुंच गए और जमीन पर बैठ गए। आसन के सामने पहुंचने के कारण 25 कांग्रेंस सदस्य स्वत. निलम्बित हो गए। कांग्रेस सदस्य भूपेश बघेल ने प्रश्नकाल के दौरान वन संरक्षण अधिनियम के तहत उद्योगो के खिलाफ की गई कार्रवाई के बारे में पूछे गए प्रश्न पर मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने पूरक प्रश्नों का उत्तर देने से यह कहते हुए इंकार कर दिया कि यह मामला उच्च न्यायालय में लम्बित है।

 

उन्होंने कहा कि नियमानुसार न्यायालय में लम्बित मामलों में सदन में चर्चा नहीं हो सकती। संसदीय कार्य मंत्री अजय चन्द्राकर ने भी कुछ नियमों का उल्लेख करते हुए न्यायालय में लम्बित मामलों में सदन में चर्चा नहीं हो सकती। इस पर बघेल ने कहा कि विधानसभा सचिवालय पर संसदीय कार्य मंत्री सवाल उठा रहे है। उन्होंने कहा कि अगर सचिवालय ने प्रश्न को स्वीकार किया है तो उस पर जरूर चर्चा हो सकती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री यहीं बता दे कि न्यायालय में यह मामला कब दाखिल हुआ। अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने इस बीच व्यवस्था देते हुए कहा कि मामला न्यायालय में लम्बित है इस कारण वह पूरक प्रश्न पूछने की अनुमति नहीं देंगे।

 

बघेल ने इसका विरोध किया और प्रश्नोत्तरी को  अपनी डेस्क पर पटक कर सदन से बहिर्गमन कर गए। उनके साथ ही अन्य कांग्रेस सदस्य भी बाहर चले गए। कांग्रेस सदस्य कुछ देर बाद सदन में वापस आए। लौटते ही वरिष्ठ कांग्रेस सदस्य सत्यनारायण शर्मा ने आरोप लगाया कि बालको से जुड़े प्रश्न पर सरकार कोई जवाब नही देना चाहती और उसे बचाना चाहती है। उन्होंने अध्यक्ष से अपनी व्यवस्था पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया। विपक्ष के नेता टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि अगर तकनीकी कोई बात थी तो इसे प्रश्नकाल में लिया ही क्यों गया।

 

उन्होंने कहा कि यह प्रश्न छत्तीसगढ़ की कम्पनियो के बारे में है। जायज प्रश्नों को पूछने की अनुमति नही मिलेगी तो कार्यवाही कैसे सही दिशा में आगे बढ़ेगी। बघेल ने कहा कि बाल्को से मिलीभगत के कारण जवाब नहीं मिल रहा है। बघेल ने इसके बाद ‘बाल्को को बचाना बन्द करो’ का नारा लगाना शुरू कर दिया। दूसरे कांग्रेस सदस्यों ने भी इसके बाद नारेबाजी शुरू कर दी। राजस्व मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय ने कहा कि अध्यक्ष की व्यवस्था के खिलाफ नारेबाजी करना अच्छी संसदीय परम्परा नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि सदन में संसदीय नेतृत्व की बजाय राजनीतिक नेतृत्व ज्यादा सक्रिय दिख रहा है।


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