गृह मंत्री के अधिकारों में कटौती से रमन का इनकार

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Tuesday, February 11, 2014-3:36 PM

रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने राज्य में गृह विभाग से हटाकर भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों की पदस्थापना का कार्य सामान्य प्रशासन विभाग को देने से गृहमंत्री के अधिकारों में कटौती से इनकार किया है। डा. सिंह ने आज प्रश्नकाल में भाजपा के देवजी पटेल के प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि आईपीएस ही नही बल्कि भारतीय वन सेवा के अधिकरियों की भी पदस्थापना का कार्य सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) को सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि आईएएस समेत तीन सेवाओं का काम एक जैसा है इस कारण मंत्रिपरिषद ने यह निर्णय लिया है।

 

पटेल ने कहा कि राज्य सरकार का यह निर्णय अखिल भारतीय सिविल सेवा नियमावली के खिलाफ है। पदस्थापना जब जीएडी के पास होगी तब गृह विभाग का उस पर कैसे नियत्रंण रहेगा। एक विभाग के अधीनस्थ अधिकारी पर दो विभागों का कैसे नियंत्रण होगा। यह नियमों के विपरीत है। पटेल ने कहा कि इस तरह के निर्णय का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने पूछा कि क्या इस निर्णय से पहले किसी कमेटी का गठन किया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा निर्णय नियमानुसार है। पटेल ने कहा कि संविधान के अनुच्छेदों का साफ उल्लंघन हो रहा है। उन्होंने इस मामले में मिसगाइड किए जाने का भी आरोप लगाया।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि तीनों सेवाओं में एकरूपता लाने के लिए यह निर्णय लिया गया है। नियम प्रक्रियाओं से आगे बढ़कर इस दिशा में कदम उठाया गया है। आंध्रप्रदेश एवं कर्नाटक सरकार ने इसी तरह का प्रावधान किया है। इससे तीनो कै डरों की पदोन्नति के बेहतर अवसर मिलेंगे। पटेल ने कहा कि संविधान के अनुच्छेदों में परिवर्तन का अधिकार किसी राज्य सरकार को नहीं है। इस बारे में संसद ही निर्णय ले सकती है। लोक सेवा आयोग से क्या इसके लिए राय ली गई। उन्होंने पूछा कि क्या विधि विशेषज्ञों से इस बारे में राय ली गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधि विभाग से सहमति ली गई है। उन्होंने दोहराया कि गृह मंत्री के अधिकार में कोई कटौती नहीं होगी।


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