गैस कीमत मामलाः कोई साथ तो कोई खिलाफ

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Tuesday, February 11, 2014-8:59 PM

नई दिल्ली: केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री एम वीरप्पा मोइली, पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली देवड़ा और आरआईएल प्रमुख मुकेश अंबानी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के दिल्ली सरकार के आदेश पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आई है। कांग्रेस ने कहा है कि ‘राजनीतिक बदले की भावना’ से प्रेरित जांच नहीं होनी चाहिए। सपा ने केजरीवाल सरकार के इस कदम की तीखी आलोचना की, जबकि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता गुरूदास दासगुप्ता ने दिल्ली सरकार के इस कदम का स्वागत किया।

दूसरी ओर, यूबी समूह के अध्यक्ष विजय माल्या ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अपने उद्देश्यों को पूरा करने के लिए ‘‘गैर-पारंपरिक तौर-तरीके’’ अपना रहे हैं और उद्योगपतियों के खिलाफ बदले की भावना से कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। केंद्र सरकार में पूर्व कैबिनेट सचिव टीएसआर सुब्रमण्यम, पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल आर एच ताहिलियानी, जानी मानी वकील कामिनी जायसवाल और पूर्व केंद्रीय सचिव ईएएस सरमा की ‘‘संयुक्त शिकायत’’ के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।

केजी बेसिन से प्राकृतिक गैस निकालने के लिए कीमतों में बढ़ोत्तरी की खातिर मंत्रियों, अधिकारियों और रिलायंस इंडस्ट्रीज के बीच साठगांठ का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज कहा कि शिकायत के ब्यौरे ‘‘चौंकाने वाले’’ और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों की तरह थे क्योंकि यह देश की आर्थिक संप्रभुता पर हमला है।  इस पर पलटवार करते हुए मोइली ने कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें विशेषज्ञों की सलाह पर तय की जाती हैं । मोइली ने यह भी कहा कि सीएनजी और पीएनजी की कीमतों में कमी सुनिश्चित करने में उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर विशेष रूचि ली।

मोइली ने कहा, ‘‘मुझे उनकी नादानी पर सहानुभूति होनी चाहिए। उन्हें समझना चाहिए कि सरकार कैसे काम करती है, ये चीजें किस तरह की जाती हैं......आपको पता होना चाहिए कि मैंने यह सुनिश्चित करने में विशेष रूचि ली कि सीएनजी और पीएनजी की कीमतें कम हों।’’ पेट्रोलियम मंत्री ने कहा, ‘‘यह मुकेश या देवड़ा का सवाल नहीं है.....कीमतें तय करने के लिए कुछ व्यवस्थाएं हैं। मेरा मानना है कि विशेषज्ञों की सलाह के बगैर कुछ नहीं किया जाता।’’

उन्होंने कहा, ‘‘केजरीवाल सोचते हैं कि तेल निकालने का काम किसी कुएं से बाल्टी के जरिए पानी निकालने जैसा है, पर हम उस तरह तेल नहीं निकाल सकते।’’ संप्रग सरकार को बाहर से समर्थन दे रही सपा ने भी केंद्रीय मंत्रियों और उद्योगपतियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने को लेकर केजरीवाल पर यह कहते हुए हमला बोला कि अपनी अक्षमता छुपाने और ‘‘राजनीतिक शहादत’’ हासिल करने के लिए मुख्यमंत्री यह ‘‘ड्रामा’’ कर रहे हैं।

भाकपा नेता दासगुप्ता ने दिल्ली सरकार के कदम का स्वागत किया। दासगुप्ता ने यहां कहा, ‘‘केजी बेसिन और सरकार द्वारा दी गयी गैसों की कीमतों में बढ़ोत्तरी की अनुमति का मुद्दा उठाने के केजरीवाल के कदम का मैं स्वागत करता हूं। एक अप्रमाणिक सर्वेक्षण के आधार पर गैस की कीमतों को चार से बढ़ाकर आठ डॉलर करने की इजाजत देकर केंद्र सरकार, खासकर मोइली, पूरी तरह धोखेबाजी कर रहे हैं।’’

गौरतलब है कि दासगुप्ता पिछले कई महीनों से इस मुद्दे को उठाते रहे हैं और वह इस मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय तक गए हैं। कांग्रेस नेता अजय माकन ने कहा, ‘‘अगर कुछ गलत हुआ है तो कांग्रेस किसी भी जांच के खिलाफ नहीं है, भले ही वह किसी मंत्री या अन्य किसी पद पर बैठे लोगों के खिलाफ हो, लेकिन राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से प्रेरित कोई जांच नहीं होनी चाहिए। जांच का विचार राजनीतिक नहीं होना चाहिए।’’


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