जज बताएंगे कैसे करें नार्थ ईस्ट के लोगों की सुरक्षा

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Wednesday, February 12, 2014-12:42 AM
नई दिल्ली: अरुणाचल प्रदेश के छात्र नीडो तानिया की हत्या करने के मामले में अब दिल्ली उच्च न्यायालय बुधवार को नॉर्थ-ईस्ट के लोगों की सुरक्षा के संबंध में दिशा-निर्देश तय करेगी। इस मामले में न्यायालय ने केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार, पुलिस व अन्य पक्षों से उनके सुझाव मांगे हैं। साथ ही दिल्ली सरकार से पूछा है कि वह ऐसे मामलों के बारे में क्या सोचती है और इन मामलों को रोकने के लिए क्या कदम उठा रही है। 
 
न्यायालय अब इस मामले में कई मुद्दों पर अपने निर्देश देगा, जिसमें नॉर्थ-ईस्ट के छात्रों के लिए हैल्प डेस्क बनाना, इनके मामलों में दिल्ली विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा सहायता करना, निचली अदालतों में लंबित नॉर्थ-ईस्ट के लोगों के साथ हुई घटनाओं के मामलों का जल्द निपटारा करना, नॉर्थ-ईस्ट के छात्रों के लिए दिल्ली हॉस्टल बनाना, दिल्ली में फारैंसिक लैब की संख्या बढ़ाना आदि शामिल हैं।

गौरतलब है कि सोमवार को इस मामले में दिल्ली पुलिस ने नीडो की पोस्टमार्टम रिपोर्ट दायर करते हुए कहा था कि उसकी मौत सिर व मुंह पर आई गंभीर चोट के कारण ही हुई थी। वहीं न्यायालय ने केंद्र सरकार को ड्रॉफ्ट दिशा-निर्देश दायर करने के लिए कहा था। इस मामले में 3 फरवरी को न्यायालय ने मीडिया में छपी खबरों पर स्वत: संज्ञान लिया था।

जिसके बाद गृह मंत्रालय, दिल्ली सरकार व दिल्ली पुलिससे रिपोर्ट मांगी थी। मंगलवार को 2 न्यायाधीशों की खंडपीठ के समक्ष केंद्र सरकार ने विभिन्न अधिकारियों के साथ हुई बैठक में लिए गए निर्णयों को पेश किया। केंद्र ने बताया कि नार्थ-ईस्ट के लोगों की सुरक्षा के लिए अलग से एक सहायता डैस्क बनाया जाएगा। हमले रोकने के लिए यू.पी. व हरियाणा सरकार से भी मदद ली जाएगी। 


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