जनलोकपाल बिल पारित होने से कोई नहीं रोक पाएगा

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Wednesday, February 12, 2014-1:21 AM
नई दिल्ली(अशोक शर्मा): मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्राकृतिक गैस के मूल्यों में वृद्धि के लिए केंद्र स्तर पर सांठगांठ का आरोप लगाते हुए मंगलवार को पैट्रोलियम मंत्री एम. वीरप्पा मोइली, पूर्व मंत्री मुरली देवड़ा और आर.आई.एल. के अध्यक्ष मुकेश अंबानी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दे दिया लेकिन सियासी गलियारों में यह मुद्दा चर्चा का विषय बना रहा कि कांग्रेस के कई बड़े नेताओं पर सीधा हमला करने के बाद दिल्ली विधानसभा में अब जनलोकपाल बिल पारित हो पाएगा या नहीं?  मगर राजनीति में बदलते समीकरण यह संकेत दे रहे हैं कि केजरीवाल का यह बिल लटकने की कोई संभावना नहीं है।
 
सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि जनलोकपाल बिल को पारित कराने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा 16 फरवरी को विशेष सत्र का आयोजन किस जगह पर किया जाएगा। उप राज्यपाल नजीब जंग चाहते हैं कि इस विशेष सत्र का आयोजन ऐसी सुरक्षित जगह पर किया जाए, जहां किसी तरह का कोई व्यवधान उत्पन्न न हो। अभी तक मुख्यमंत्री केजरीवाल अपनी बात पर अड़े हुए हैं कि विशेष सत्र आम जनता की मौजूदगी में किसी स्टेडियम में ही आयोजित किया जाएगा। पार्टी सूत्रों का कहना है कि केजरीवाल अपनी उसी जिद पर अड़े हुए हैं कि जनलोकपाल बिल को चारदीवारी के बाहर निकलकर जनता की मौजूदगी में ही पारित किया जाए। वैसे भी इस बिल पर प्रमुख समाजसेवी अन्ना हजारे का समर्थन मिलने के बाद केजरीवाल के हौंसले बुलंद हैं। उन्होंने भी केजरीवाल को यही सलाह दी है यदि बिल पारित नहीं होता है, तो कुर्सी पर बैठने की बजाए इस्तीफा दे दो।  
 
प्रदेश कांग्रेस के नेता जनलोकपाल बिल पर अभी तक बेशक टकराव के तेवर दिखा रहे हैं लेकिन भाजपा ने अपना स्टैंड अब एकदम साफ कर दिया है। प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष डॉ. हर्षवर्धन शुरू से ही भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं। उनका कहना है यदि मुख्यमंत्री संवैधानिक तरीके से इस बिल को विधानसभा में पेश करेंगे, तो भाजपा अपनी नीति के तहत इसका समर्थन करेगी। 
 
याद रहे कि प्रदेश भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को जब राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से जाकर उन्हें ज्ञापन देकर बातचीत की, तो बातचीत के दौरान जनलोकपाल बिल का मुद्दा एकदम अछूता रहा। इससे साफ हो गया है कि बेशक कांग्रेस के समर्थन से आप सरकार चल रही है लेकिन भ्रष्टाचार के ज्वलंत मुद्दे पर कांग्रेस को नीचा दिखाने के लिए भाजपा केजरीवाल के जनलोकपाल बिल का सदन में खुलकर समर्थन कर सकती है। 
 
कांग्रेस के नेता खुलेआम इस बिल का विरोध करने का साहस नहीं जुटा पा रहे हैं। वैसे भी कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पिछले कुछ दिनों से पार्टी के नेताओं को ही नहीं बल्कि आम जनता के बीच जाकर भ्रष्टाचार के खिलाफ जमकर आवाज उठा रहे हैं। जब राहुल गांधी भ्रष्टाचार के खिलाफ खुलकर बोल रहे हैं, तो क्या प्रदेश कांग्रेस का कोई नेता जनलोकपाल बिल का विरोध कर पाएगा? 

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