रेलमंत्री ने गालिब के शेर' से शुरू किया अपना भाषण

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Wednesday, February 12, 2014-2:17 PM

नई दिल्ली: रेलमंत्री मल्लिकार्जुन खरगे ने लोकसभा में आज वर्ष 2014-15 का अंतरिम रेल बजट पेश करते हुए शेरों शायरी के साथ अपने भाषण की शुरुआत की। खरगे ने सदन में भारी हंगामे के बीच अपना भाषण गालिब के इस शेर के साथ शुरू किया..
              सादिक हूं अपने कौल में गालिब खुदा गवाह।
             लिखता हूं सच कि...झूठ की आदत नहीं मुझे।।

उन्होंने अपने 18 पृष्ठ के भाषण में रेल टैरिफ प्राधिकरण की स्थापना की घोषणा करते हुए यह शेर पढ़ा....
                कभी चिलमन में वो झांके
                कभी चिलमन से हम झांके
               लगा दो आग चिलमन में
               न वो झांके, न हम झांकें।

उन्होंने कहा कि रेल दरों का निर्धारण करना पर्दे के पीछे का काम नहीं होगा बल्कि पारदर्शी प्रक्रिया अपनायी जाएगी। खरगे हंगामे के कारण पूरा भाषण नहीं पढ़ पाए।


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