जन लोकपाल विधेयक पारित हो भी जाता है तो राष्ट्रपति इसे मंजूरी नहीं देंगे : शीला दीक्षित

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Wednesday, February 12, 2014-10:23 PM
नई दिल्ली :  पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा है कि पिछला विधानसभा चुनाव उनके लिए अप्रत्याशित और यादगार रहा, क्योंकि लोग बदलाव चाहते थे। लोगों की यह इच्छाएं पूरी होंगी या नहीं, यह हम आने वाले दिनों में देखेंगे। 
 
कांग्रेस में भ्रष्टाचार को लेकर भाजपा द्वारा लगाए रहे आरोपों पर नाराजगी जताते हुए दीक्षित ने कहा कि क्या भाजपा भ्रष्टाचार मुक्तहै? क्या नरेंद्र मोदी स्वयं विज्ञापन पर बहुत ज्यादा खर्च नहीं कर रहे हैं? दीक्षित ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने चुनाव से पहले अव्यवहारिक वादे किए, जिसके बलबूते वह सत्ता में आई। लेकिन अब इन वादों को पूरा कर पाना आप सरकार के बूते की बात नहीं है।
 
उन्होंने कहा कि नई दिल्ली  को पूर्ण राज्य का दर्जा हासिल नहीं है, इसलिए यदि विधानसभा में वर्तमान परिस्थितियों में जन लोकपाल विधेयक पारित हो भी जाता है तो राष्ट्रपति इसे मंजूरी नहीं देंगे। नई दिल्ली कॉलेज आफ आट्र्स एंड कॉमर्स में लोकसभा चुनाव 2014: क्या भारत में राजनीतिक परिदृश्य बदल रहा है विषय पर आयोजित संगोष्ठी में दीक्षित ने कहा कि राज्य सरकार को जन लोकपाल विधेयक के लिए केंद्र सरकार से मंजूरी लेनी चाहिए। बिना इसके, यह विधेयक नहीं लाया जा सकता है।
 

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