केजरीवाल सरकार को झटका

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Thursday, February 13, 2014-12:02 AM

नई दिल्ली (अशोक शर्मा): दिल्ली विधानसभा का 16 फरवरी को होने वाला प्रस्तावित विशेष सत्र अब स्टेडियम में नहीं हो सकेगा। दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग ने दिल्ली सरकार की इस अपील को अस्वीकार कर दिया है। उपराज्यपाल के इस कदम से केजरीवाल सरकार को एक झटका लगा है।

इसके साथ ही दिल्ली उच्च न्यायालय ने भी सदन के बाहर सत्र आयोजित करने से रोकने की याचिका पर आप सरकार से वीरवार तक जवाब मांगा है। सूत्रों के अनुसार अब विशेष सत्र किसी स्टेडियम में होने की बजाए विधानसभा सचिवालय के बाहर ही खुले में होने की संभावना है। 

उपराज्यपाल नजीब जंग ने बुधवार को दिल्ली सरकार की खुले में सत्र आयोजित करने की अपील नामंजूर कर दी। केजरीवाल सरकार ने बिल पास करने के लिए इंदिरा गांधी स्टेडियम में विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की इजाजत मांगी थी। आप सरकार के लिए जनलोकपाल बिल काफी अहम माना जा रहा है। 

केजरीवाल ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद आम जनता से जनलोकपाल बिल को दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में पारित करवाने का वादा किया था। 

उधर विधि मंत्रालय ने कहा है कि केजरीवाल सरकार को बिल पर केंद्र सरकार से मंजूरी लेना जरूरी है। हालांकि सुरक्षा की दृष्टि से दिल्ली पुलिस ने खुले में सत्र आयोजित करने में ऐतराज जताया था। उसके बाद ही मुख्यमंत्री ने उपराज्यपाल जंग से आई.जी.आई. स्टेडियम में सत्र बुलाने की इजाजत मांगी थी।

बेशक उपराज्यपाल ने केजरीवाल की इस अपील को नामंजूर कर दिया है लेकिन विशेष सत्र कहां होगा, नियमों के अनुसार इसका अंतिम फैसला विधानसभा के सदस्यों द्वारा ही लिया जाएगा। अल्पमत वाली आप सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे कांग्रेस के 8 विधायक शुरू से ही इसका विरोध कर रहे हैं। कांग्रेस विधायक दल के नेता हारून यूसुफ और प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष व विधायक अरविंदर सिंह का कहना है कि जब आज तक सदन की बैठक कभी बाहर स्टेडियम में आयोजित नहीं की गई, तो अब आप सरकार खुले में सत्र आयोजित करने के लिए कोई अड़ी हुई है।

भाजपा विधायक दल के नेता डॉ. हर्षवर्धन का कहना है कि केजरीवाल पहले यह तय करें कि उन्हें संविधान के अनुरूप काम करना है या अपनी मर्जी से? बेशक आप के नेता सत्र आयोजित करने के मुद्दे पर कुछ भी कहें लेकिन भाजपा असंवैधानिक तरीके से सदन की कार्रवाई को चलाने या उपराज्यपाल के आदेश की अवहेलना कर कुछ भी करेंगे, तो भाजपा उसका विरोध करेगी। 


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