स्वराज के विरोध में उतरी आर.डब्ल्यू.ए.

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Thursday, February 13, 2014-12:28 AM
नई दिल्ली : स्वराज बिल को लेकर दिल्ली के रेजीडैंट्स वैलफेयर एसोसिएशन (आर.डब्ल्यू.ए.) विरोध में उतरी गई हैं। आर.डब्ल्यू.ए. की शीर्ष संस्था युनाइटेड रेजीडैंट ज्वाइंट एक्शन (ऊर्जा) ने इस बिल के मोहल्ला सभा वाले केजरी आइडिया पर नाराजगी जाहिर की है। बुधवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तैयारी भी है।
 
ऊर्जा के संयोजक अतुल गोयल ने बताया कि मंगलवार को कई आर.डब्ल्यू.ए. की बैठक आयोजित की गई। इसके बाद तय किया गया कि स्वराज बिल के खिलाफ बड़े स्तर पर विरोध किया जाएगा। बुधवार को 11:30 बजे सुबह आर.डब्ल्यू.ए. के पदाधिकारी और वह सभी लोग जुटेंगे जो स्वराज बिल और मोहल्ला सभा के विरोध में हैं। आर.डब्ल्यू.ए. पदाधिकारियों का कहना है कि जब दिल्ली में रहने वाले लोगों ने संघ बनाकर एक तंत्र तैयार कर रखा है तो उसका ही मजबूत किया जाना चाहिए, नाकि नया तंत्र बनाया जाना चाहिए। 
 
समितियों के माध्यम से ही विकास का खाका तैयार किया जा सकता है। आम आदमी आर.डब्ल्यू.ए. में भी हैं और वही लोग कॉलीनियों में रहते हैं। फिर मोहल्ला सभा का गठन किस कारण किए जाने का प्रस्ताव है।  इसके पीछे राजनीतिक महत्वाकांक्षा ही छिपी है।
आर.डब्ल्यू.ए. को समाप्त करने की साजिश : ऊर्जा के पदाधिकारियों का कहना है कि मोहल्ला सभा के तहत 5000 निवासियों का एक नया निर्वाचन क्षेत्र बनाने और प्रदेश निर्वाचन आयोग के द्वारा औपचारिक चुनाव करा कर 2 प्रतिनिधि चुनने की प्रक्रिया अत्यंत जटिल होगी। यह नया तंत्र बनाकर दिल्ली में काम कर रही आर.डब्यू.ए. की व्यवस्था को समाप्त करने की ही साजिश है मोहल्ला सभा। ऊर्जा के साथ भाजपा भी स्वराज बिल के खिलाफ है। 
 
स्वराज बिल का विरोध करने वालों का आरोप है कि पश्चिम बंगाल में कम्युनिस्ट पार्टी ने ‘पारस’ के तहत अपने काडर का तंत्र खड़ा किया है, उसी तरह आप सरकार मोहल्ला सभाआें को बनाकर सत्ता में स्थायीकरण की तैयारी कर रही है। 
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