भारत को अगली महाशक्ति बताना अस्प्ष्ट बात: मेनन

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Thursday, February 13, 2014-8:19 AM

नई दिल्ली: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिव शंकर मेनन ने कहा कि भारत के विस्तृत पड़ोस में सुरक्षा मुहैया करने की हमसे मांग की जा रही है। पर, इसे महाशक्ति के रूप में प्रायोजित करना एक अस्पष्ट बात है। मेनन ने कहा कि यदि भारत बदलती वैश्विक व्यवस्था से पैदा हुए अवसरों का लाभ उठाना चाहता है तो उसे पुरानी समस्याओं के प्रति नये रूख अपना कर दुनिया के साथ कहीं अधिक बहुस्तरीय रूप से जुडऩे की जरूरत है।

 

उन्होंने कहा कि यथास्थिति कायम रखने का पुराना रूख इन अवसरों को जोखिम में डाल सकता है। 21वीं सदी की दुनिया में भारत विषय पर एक व्याख्यान में उन्होंने कहा कि इस बात की मांग है कि भारत अपने विस्तृत पड़ोस में सुरक्षा मुहैया करने वाला देश बने। यह एक अवसर है। इससे कैसे निपटना है हमें इस बारे में सोचना होगा। उन्होंने कहा कि यह मांग है कि भारत समुद्री सुरक्षा के मामले में कदम बढ़ाए और अन्य देशों को उनकी क्षमता मजबूत करने में मदद करे।

 

अगली महाशक्ति के तौर पर भारत को प्रायोजित किए जाने के बारे में उन्होंने कहा कि पिछले कुछ साल में इस बारे में हल्की फुल्की बात हुई है कि क्या भारत महाशक्ति बन पाएगा। मुझे नहीं पता इसका क्या मतलब है या यह एक वांछित लक्ष्य है। भारत ने कभी भी मौजूदा शक्तियों को अपदस्थ करने के बारे में नहीं सोचा है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद विदेश नीति में तथा खासतौर पर चीन और पाकिस्तान के साथ संबंध पर कोई प्रभाव पडऩे की संभावना नहीं है।


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