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स्टेडियम में सत्र बुलाने पर सरकार ने नहीं ली है इजाजत

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Friday, February 14, 2014-12:41 AM

नई दिल्ली : विस सत्र स्टेडियम में बुलाने से रोकने के मामले में दायर याचिका पर वीरवार को दिल्ली सरकार ने अपना जवाब दायर करते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष कहा कि अभी इस संबंध उपराज्यपाल से अनुमति नहीं ली गई है। सरकार की दलील के बाद न्यायालय ने इस याचिका को प्री-मैच्योर करार दिया। जिसके बाद याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका को वापिस ले लिया। 

न्यायमूर्ति बी.डी.अहमद व न्यायमूर्ति  सिद्धार्थ मृदुल की खंडपीठ के समक्ष याचिकाकर्ता ने कहा कि अभी उपराज्यपाल से विस सत्र स्टेडियम में बुलाने के संबंध में कोई निर्देश नहीं दिया है। इसलिए वह अपनी याचिका वापिस लेना चाहता है। जिसके बाद खंडपीठ ने डीयू के असिस्टेंट प्रोफेसर केदार कुमार मंडल को उनकी याचिका वापिस लेने की अनुमति दे दी। खंडपीठ ने कहा कि अगर जरूरत पड़े तो वह फिर से याचिका दायर कर सकता है। 
 
दिल्ली सरकार की तरफ से पेश हुए प्रशांत भूषण ने याचिककर्ता को दिए उस अधिकार का विरोध किया,जिसमें अदालत ने कहा है कि वह चाहे तो फिर से याचिका दायर कर सकते हैं। भूषण ने कहा कि विस सत्र किसी अन्य स्थान पर बुलाने का मामला मंत्रियों व उपराज्यपाल के बीच का मामला है। जिसमें अदालत को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। 
 
भूषण ने दलील दी कि अभी तक विधानसभा इमारत के बाहर सत्र बुलाने के संबंध में कोई फैसला नहीं हुआ है। साथ ही कहा कि अगर सत्र को स्टेडियम में बुलाया गया तो इससे कोई खर्च नहीं बढऩे वाला है।जिसके बाद खंडपीठ ने कहा कि अभी इस याचिका पर सुनवाई नहीं की जा सकती है। परंतु कई सवाल उठते हैं कि क्या उपराज्यपाल विस सत्र को गोवा में बुला सकता है।
 
विस सत्र को निश्चित स्थान की बजाय किसी अन्य स्थान पर बुलाने का कारण होना चाहिए। इसलिए हम इन मुद्दों पर उस समय विचार करेंगे,जब इसकी जरूरत होगी। बुधवार को दिल्ली उच्च न्यायालय ने आप सरकार से पूछा था कि क्या कानून में कोई ऐसा प्रावधान है,जिसके तहत सरकार निश्चित स्थान की बजाय किसी अन्य स्थान पर विधानसभा सत्र बुला सकती है। 
 
खंडपीठ के समक्ष डीयू के असिस्टेंट प्रोफेसर केदार मंडल ने यह याचिका दायर की थी। उसने सरकार के उस निर्णय को चुनौती दी थी,जिसमें जनलोकपाल बिल पास करने के लिए विधानसभा का सत्र स्टेडियम में बुलाने की बात कही गई है। 
 
इस प्रोफेसर का कहना है कि ऐसा करने से लगभग पचास लाख रुपए खर्च हो जाएंगे। केजरीवाल सरकार ने जनलोकपाल बिल पास करने के लिए 14 फरवरी को इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में सत्र बुलाने का फैसला लिया था। 
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