दिल्ली विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, पेश नहीं हुआ जनलोकपाल बिल

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Friday, February 14, 2014-7:47 PM

नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा में आज जनलोकपाल बिल पेश नहीं हुआ। वहीं दिल्ली विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गई है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने विधानसभा में कहा, ‘‘यह हमारा अंतिम सत्र लगता है। अगर मुझे भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए मुख्यमंत्री के पद को 1,000 बार भी कुर्बान करना पड़े और जान भी देनी पड़े तो मैं खुद को भाग्यशाली मानूंगा।’’

आपको बता दें कि अरविंद केजरीवाल ने एक नीजि न्यूज चैनल को जानकारी देते हुए के कहा था कि मैंने स्पीकर से बिल पेश करने की अनुमति मांगी थी। हालांकि कुछ कन्फ्यूजन के कारण उन्होंने बिल पर बहस की अनुमति दे दी है इसपर स्थिति साफ कर दी जाएगी। भाजपा और कांग्रेस के सदस्यों के विधेयक को पेश होने का विरोध किया। विधेयक के विरोध में 42 वोट पड़े जबकि पक्ष में केवल 27 वोट पड़े। मुख्य विपक्ष पार्टी भारतीय जनता पार्टी और दिल्ली सरकार को बाहर से समर्थन दे रही कांग्रेस पार्टी ने कहा है कि वो स्पीकर पर नो कांफिडेंस मोशन लाएगी।

विपक्ष के मुताबिक उप राज्यपाल द्वारा जन लोकपाल विधेयक असंवैधानिक बताए जाने के बावजूद स्पीकर ने जनलोकपाल बिल को पेश किया। संवैधानिक प्रक्रिया अपनाये बिना विधेयक नहीं पेश करने की विधानसभा को दी गयी उप-राज्यपाल की सलाह पर मतदान की विपक्ष की मांगों के चलते हंगामे की स्थिति के बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उठकर कहा कि वह विधेयक पेश कर रहे हैं, लेकिन विपक्ष इससे इनकार किया।

इससे पहले बीजेपी ने केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने संविधान का अपमान किया है। उन्‍हें माफी मांगनी चाहिए। बीजेपी ने सोमनाथ भारती को अश्लील मंत्री बताया और कहा कि हम अश्लील मंत्री को बोलने नहीं देंगे। वहीं बीजेपी ने कानून मंत्री सोमनाथ भारती के खिलाफ निंदा प्रस्ताव का नोटिस भी दिया है।

कांग्रेस अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने संत रविदास की जयंती पर विधानसभा की कार्यवाही जारी रखने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि संसद तक ने आज अपनी कार्यवाही स्थगित रखी है, क्या विधानसभा उससे ऊपर है। लवली ने कहा कि हम जनलोकपाल के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन इस सरकार की मंशा ही नहीं है भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लडऩे की।

विपक्ष के नेता हर्षवर्धन ने सोमनाथ भारती के मंत्री पद पर बने रहने को लेकर सवाल उठाया। हर्षवर्धन ने कहा कि भ्रष्टाचार को रोकने के लिए आप जनलोकपाल लाइए, सिस्टम को पारदर्शी बनाएं। हमारी उत्तराखंड सरकार ने सबसे पहले जनलोकपाल कानून को लागू किया, इसलिए कोई झूठ न फैलाएं। हर्षवर्धन ने कहा कि जनलोकपाल बिल के लिए हमारी प्रतिबद्धता केजरीवाल से हजार गुना ज्यादा है। बीजेपी नेता ने कहा कि कल जो बिजनेस एजेंडा मिला था उसमें जनलोकपाल ऊपर था और अभी 5 मिनट पहले जो मिला है उसमें जनलोकपाल बिल सबसे नीचे है।

कांग्रेस विधायक दल के नेता हारुन युसूफ ने कहा कि कांग्रेस भ्रष्टाचार से लडऩे के लिए किसी भी कानून का समर्थन करने के लिए तैयार है, लेकिन वह संविधान के दायरे में हो। हारुन युसूफ ने विधानसभा की कार्यसूची में जनलोकपाल बिल को 5वें नंबर में रखे जाने पर केजरीवाल सरकार की नीयत पर सवाल उठाया।


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