सरकार चाहे तो अभी भी आंध्रप्रदेश का मित्रवत बंटवारा हो सकता है: जेटली

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Friday, February 14, 2014-4:38 PM

 नई दिल्ली: भाजपा ने आज आरोप लगाया कि संप्रग सरकार द्वारा तेलंगाना और सीमांध्र के लोगों में मेल-मिलाप के जरिए राज्य का बंटवारा करने का प्रयास नहीं करने के चलते कल लोकसभा में अशोभनीय स्थिति बनी। लेकिन सरकार चाहे तो अभी भी संसद के भीतर और बाहर आंध्रप्रदेश के मित्रवत बंटवारे की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकता है। पार्टी के वरिष्ठ नेता अरूण जेटली ने कहा कि कल जो कुछ संसद में हुआ उससे भारतीय लोकतंत्र की बदनामी बढ़ी है और ‘‘संसद में जो कुछ हो रहा है उससे राजनीतिकों की घिनौनी छवि की जनता की धारणा बलवती हुई है।’’

उन्होंने कहा कि संप्रग शासन कला की समझ को पूरी तरह खो चुकी है। ‘‘लेकिन आज भी देर नहीं हुई कि संसद के भीतर या बाहर मेल-मिलाप की ऐसी प्रक्रिया शुरू की जाए जिससे सीमांध्र के लोगों की वास्तविक चिंताओं को दूर करते हुए तेलंगाना बनने का मार्ग प्रशस्त हो।’’ राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि संसद में गुरूवार को जो कुछ अशोभनीय घटनाएं घटीं वे मूलत: संप्रग द्वारा उकसाई हुई थीं।

उन्होंने कहा संप्रग नेतृत्व जिस तरह से इस मुद्दे से निपट रहा है उससे ‘‘तेलंगाना और सीमांध्र दोनों का मानना है कि उनके साथ अन्याय हुआ है।’’  जेटली ने कहा कि सरकार तेलंगाना और सीमांध्र के लोगों के आपसी मतभेदों को सुलझाने और सौहार्दपूर्ण बंटवारे का रास्ता बनाने के लिए कोई मंच प्रदान नहीं कर रही है।


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