शोर-शराबे में दब गई केजरीवाल की आवाज

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Saturday, February 15, 2014-12:22 AM
नई दिल्ली (ताहिर सिद्दीकी):जनलोकपाल विधेयक को दिल्ली विधानसभा में पेश करने में विफल रहे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की शुक्रवार को सदन को संबोधित करने की हसरत अधूरी रह गई। विपक्ष के भारी हंगामे के चलते बहुत कुछ बोलना चाह रहे मुख्यमंत्री ने बेहद कम शब्दों में भाषण समाप्त कर दिया। हंगामे के शोर में उनकी आवाज दब गई। 
 
दिनभर चले घटनाक्रम पर मुख्यमंत्री विस्तार से जवाब देना चाह रहे थे। वह बोलने के लिए खड़े हुए। लेकिन इस दौरान विपक्षी भाजपा व बाहर से समर्थन दे रही कांग्रेस के सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस पर उन्होंने चुटकी ली कि विपक्ष नहीं चाहता कि मुख्यमंत्री सदन को संबोधित करें। क्योंकि सदन की कार्यवाही पूरा देश देख रहा है। विपक्ष जब थोड़ा शांत हुआ तो उन्होंने अपना भाषण शुरू किया। उन्होंने कहा कि पहली बार हम विधानसभा में चुनकर आए। हमें उम्मीद थी कि भाजपा व कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्यों से विधायी काम सीखेंगे।
 
लेकिन यहां नजारा एकदम बदला हुआ था। हमारे अनुभव की कमी का वरिष्ठ सहयोगियों ने मजाक उड़ाया। इस दौरान विपक्षी भाजपा व कांग्रेस के सदस्यों ने एक सुर में भाषण का विरोध करना शुरू कर दिया। विपक्ष का आरोप था कि केजरीवाल जनता का धोखा दे रहे हैं। अपनी सीटों से खड़े होकर हंगामा कर रहे भाजपा सदस्यों से मुख्यमंत्री ने कई बार अनुरोध किया कि शांति बनाए रखें।
 
संविधान के नियमों की जानकारी देने वाली एक पुस्तक को लहराते हुए उन्होंने कहा कि संविधान में यह कहीं नहीं लिखा है कि किसी भी विधेयक को सदन में पेश करने से पहले उपराज्यपाल की मंजूरी ली जाए। उन्होंने कहा कि हमने सारा संविधान पढ़ डाला, लेकिन ऐसा कोई प्रावधान नहीं मिला कि विधेयक पेश करने से पहले केंद्र की मंजूरी आवश्यक है।
 
इसके जवाब में भाजपा व कांग्रेस के सदस्यों ने अपने हाथों में कानून की पुस्तक लहराते हुए कहा कि संविधान में साफ लिखा है कि वित्तीय खर्चे वाले किसी भी विधेयक को सदन में पेश करने से पहले उपराज्यपाल की मंजूरी जरूरी है। इस वॉकयुद्ध और हंगामा के दौरान मुख्यमंत्री ने अपना भाषण जारी रखा। उन्होंने कहा, हमें कहा जा रहा है कि आम आदमी पार्टी की सरकार संविधान व कानून की धज्जियां उड़ा रही है। क्या सदन में माइक तोडऩा व कागज फाडऩा संविधान सम्मत है। उन्होंने कहा कि सदन में संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही है।
 

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