सरकार विहीन सचिवालय में पसरा सन्नाटा

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Sunday, February 16, 2014-12:32 AM

नई दिल्ली : दिल्ली सरकार का मुख्यालय दिल्ली सचिवालय जो कल तक सरकारी गतिविधियों से गुलजार रहता था अब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे के बाद वीरान हो गया है ।

10 मंजिला सचिवालय इमारत में शनिवार को अजीब-सा सन्नाटा पसरा नजर आया। चंद लोग ही इस विशाल इमारत में दिखाई दिए, जबकि आप सरकार के सात सप्ताहों के दौरान शनिवार के दिन भी यहां जमकर कामकाज होता था।

इमारत की जिस तीसरी मंजिल पर बैठकर केजरीवाल ने कई लोकप्रिय निर्णय लिए, वहां पिछले 10 वर्षों से मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात कुछ सुरक्षाकर्मियों को छोड़कर बाकी कोई अधिकारी दिखाई नहीं दिया। एक सुरक्षाकर्मी ने नाम न जाहिर करने के अनुरोध के साथ कहा कि मैंने अपने पूरे कैरियर में केजरीवाल जैसा मुख्यमंत्री नहीं देखा।

कार्यालय में पहुंचते ही वह मुझसे  हाल-चाल पूछते, जबकि शीला दीक्षित ने ऐसा कभी नहीं किया। सुरक्षाकर्मी ने कहा कि मेरे जैसे सभी छोटे कर्मचारियों को उनसे बहुत आशाएं थीं। कांग्रेस और भाजपा के कारण उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। हम उन्हें वापस सत्ता में लाएंगे।

2 अधिकारी भी सचिवालय परिसर में दिखाई दिए। उनमें से एक केजरीवाल और उनके मंत्रियों की युवा टीम के साथ कार्यरत था। केजरीवाल के साथ घनिष्ठ रूप से काम कर चुके उस अधिकारी ने कहा कि मेरे लिए यह एक अलग तरह का और सीखने लायक अनुभव था लेकिन कुछ ऐसे लोग भी थे, जिनके चेहरों पर राहत के भाव स्पष्ट थे। एक क्लर्क ने कहा कि कम से कम अब मुझे 11 बजे रात तक काम नहीं करना पड़ेगा। वह हम सभी को काम में लगाए रखते थे। सचिवालय परिसर की जिन सड़कों पर शुक्रवार तक टी.वी. चैनलों के ओ.बी. वैन खड़े रहते थे और विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शनकारियों का जमावड़ा लगा रहता था वे सड़कें भी वीरान दिखीं। 

गेट नंबर 6 से थोड़ी ही दूरी पर चाय की दुकान चलाने वाले एक व्यक्ति ने केजरीवाल के इस्तीफे पर निराशा व्यक्त की और भाजपा व कांग्रेस पर नाराजगी जताई। उसने कहा कि इन दलों ने केजरीवाल के खिलाफ  

साजिश रची। 


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