‘झाडू की धूल’ के गुबार में लक्ष्य धुंधलाने की फिक्र

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Sunday, February 16, 2014-2:01 AM
नई दिल्ली(सुनील पाण्डेय): आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद दिल्ली में बदले राजनीतिक हालात से राष्ट्रीय पार्टियां सकते में आ गई हैं। सभी राजनतिक दलों को लगने लगा था कि अब केजरीवाल दिल्ली तक सिमट गए हैं, लिहाजा देश में उनका झाडू लोकसभा चुनावों में ज्यादा नहीं चलेगा। यही कारण है कि कांग्रेस-भाजपा (यू.पी.ए.-एन.डी.ए.) के अलावा तीसरे मोर्चे की नींव भी रख दी गई थी।
 
लेकिन, शुक्रवार को दिल्ली में दिनभर चले ड्रामे के बाद शाम को केजरीवाल के इस्तीफे ने सभी को हैरान कर दिया। इस्तीफे के बाद टैलीविजन पर भाजपा और कांग्रेस के नेता दिनभर केजरीवाल को भगौड़ा साबित करने में लगे रहे लेकिन वह यह भूल गए कि यह आप की अगली रणनीति का हिस्सा था।
 
आम आदमी पार्टी ने देशभर में चुनाव लडऩे की रणनीति के तहत इस्तीफा दिलवाया है, ऐसी चर्चा आप के नेताओं के बीच है। वरिष्ठ नेता योगेंद्र यादव ने भी आज स्पष्ट कर दिया कि आम आदमी पार्टी पूरे देश में आम चुनाव केजरीवाल के नेतृत्व में लड़ेगी। आप के इस कदम से कांग्रेस तो नहीं, लेकिन भारतीय जनता पार्टी सकते में आ गई है क्योंकि अब तक लोकसभा चुनाव को मोदी बनाम राहुल या ये कहें कि भाजपा बनाम यू.पी.ए. देख रहे थे लेकिन अब वहीं इनमे तीसरा कोण बनाने अरविंद केजरीवाल आ गए हैं। भाजपा पिछले एक महीने से नरेंद्र मोदी की रैलियों एवं उनके कार्यक्रमों से मिल रहे समर्थन से जबरदस्त उत्साहित थी। 
 
या ये कहें कि भाजपा के विजय रथ ने स्पीड पकड़ ली थी लेकिन अचानक केजरीवाल रूपी ब्रेकर रास्ते में आ गया। आम आदमी पार्टी और केजरीवाल का उदय धूमकेतु की तरह हुआ। इस समय भारतीय राजनीति में मोदी की राह में सबसे बड़ा रोड़ा बनते जा रहे अरविंद केजरीवाल लोकसभा चुनावों के दौरान फर्क पैदा कर पाएंगे इसमें संशय है। दिल्ली की सरकार बनने से पहले तक लोकसभा चुनाव की तैयारियों में मोदी का रथ जहां सरपट दौड़ रहा था, वहीं अब केजरीवाल ने तीसरा कोण बनाते हुए भाजपा को अपनी रणनीति को बदलने के लिए मंथन करने पर मजबूर कर दिया है। 
 
बदले राजनीतिक हालात से भाजपा अब अपनी रणनीति में बदलाव करेगी, ऐसा संकेत भी मिलने लगा है। भाजपा का मानना है कि कांग्रेस मोदी का सामना करने में विफल है, लिहाजा, वह आप को ढाल बनाकर मोदी के सामने उतार रही है। उनके मुताबिक कांग्रेस मोदी का रथ रोकने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। हालांकि , भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उमा भारती सहित कई नेताओं ने आज कहा है कि लोकसभा चुनावों में अरविंद केजरीवाल का कोई जादू नहीं चलेगा लेकिन, सूत्र बताते हैं कि बदले हालात से भाजपा अंदरखाने डर गई है। वैसे मोदी की राह में रोड़ा अटकाने के लिए केजरीवाल और उनकी पार्टी आम आदमी तैयारियां तो पूरी कर रही है, लेकिन दिल्ली में उसका कांग्रेस से किया गया साथ कुछ गलत संदेश भी दे गया।
 
बहरहाल, लोकसभा चुनाव करीब हैं, कांग्रेस  और भाजपा ने अपनी चुनावी तैयारियों और चुनावों में अपनी पार्टी की संभावनाओं को तलाशने का काम भी शुरू कर दिया है लेकिन आप ने जिस तरह दिल्ली विस का चुनाव लड़कर सभी पार्टियों की मिट्टी खराब की है उससे अब संभावना जताई जा रही है कि लोकसभा का चुनाव भाजपा और कांग्रेस के लिए आसान नहीं होने वाला है।

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