केंद्र, राज्य सरकार के वजीरों का होगा इम्तिहान

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Sunday, February 16, 2014-1:16 PM

लखनऊ: आगामी लोकसभा चुनाव में इस बार कांग्रेस नीत केंद्र और उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार के करीब दर्जनभर मंत्रियों के दमखम की परीक्षा होगी। वर्तमान राजनीतिक परिस्थियों में इन सूरमाओं के लिए दिल्ली पहुंचने का रास्ता काफी मुश्किल नजर आ रहा है। कांग्रेस ने अभी तक हालांकि अपने उम्मीदवार घोषित नहीं किए हैं लेकिन उत्तर प्रदेश में केंद्र सरकार के पांच मंत्री अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों में कार्यकर्ता सम्मेलन और रैलियां करके ताल ठोंकते नजर आ रहे हैं।

गोंडा में केंद्र सरकार के इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा, कानपुर में कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल, फर्रूखाबाद में विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद, कुशीनगर में गृह राज्य मंत्री आर. पी. एन. सिंह और धौरहरा में मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री जितिन प्रसाद के समर्थक उनकी दावेदारी ठोंक रहे हैं। तय माना जा रहा है उत्तर प्रदेश के ये पांचों मंत्री अपने पुराने इलाके में ही तकदीर आजमाएंगे।

कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अमरनाथ अग्रवाल ने कहा, ‘‘वैसे तो उम्मीदवारों के नाम घोषित करने का आखिरी फैसला आलाकमान को करना है, लेकिन इन मंत्रियों को वहीं से टिकट मिलना लगभग तय है जहां से ये फिलहाल सांसद हैं क्योंकि इन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में विकास का काफी काम किया है और क्षेत्र की जनता और पार्टी के स्थानीय नेता और कार्यकर्ता इन्हीं को फिर से टिकट देने की मांग कर रहे हैं।’’

पांचों मंत्री लगातार दो बार से चुनाव जीतते आ रहे हैं लेकिन इस बार बदले राजनीतिक हालात में इन केंद्रीय मंत्रियों के लिए अबकी दिल्ली का सफर आसान नहीं लग रहा है। एक तरफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), समाजवादी पार्टी (सपा) व बहुजन समाज पार्टी (बसपा) इन्हें रोकने के लिए पूरा जोर लगाए हुए हैं तो दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी (आप) इनकी राह में कांटे बिछा रही है।  वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक सुभाष मिश्रा कहते हैं, ‘‘इन केंद्रीय मंत्रियों को भाजपा, बसपा, सपा और आप के उम्मीदवारों से कड़ी टक्कर तो मिलेगी ही साथ ही केंद्र सरकार के भ्रष्टाचार और महंगाई जैसे मुद्दे उनकी राह में बड़ी बाधा होंगे।’’

सपा ने सरकार के कई मंत्रियों को मैदान में सीधे मुकाबले के लिए उतारा है। सूबे के श्रम व सेवा योजन मंत्री शाहिद मंजूर को मेरठ, पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री राम मूर्ति वर्मा को अंबेडकरनगर, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री पारस नाथ यादव को जौनपुर, माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री विनोद कुमार उर्फ पंडित सिंह को कैसरगंज, बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री कैलाश चौरसिया को वाराणसी और लोक निर्माण एवं सिंचाई राज्य मंत्री सुरेन्द्र सिंह पटेल को मीरजापुर, दर्जा प्राप्त मंत्री नरेंद्र सिंह भाटी को नोएडा से और विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडे को डुमरियागंज लोकसभा क्षेत्र से सपा ने उम्मीदवार बनाया है।

2009 के लोकसभा चुनाव में माता प्रसाद पाण्डेय, शाहिद मंजूर, पंडित सिंह, पारसनाथ यादव, नरेंद्र सिंह भाटी जैसे सूरमाओं को हार का सामना करना पड़ा था। लखनऊ विश्वविद्यालय में राजनीति शास्त्र के प्रोफेसर रमेश दीक्षित कहते हैं कि इस बार कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर अखिलेश सरकार की विफलता और मुजफ्फरनगर दंगा दागी उम्मीदवारों के लिए बड़ी चुनौती होंगे।


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