विश्व पुस्तक मेंला में लोक कलाकारों ने प्रस्तुति दे दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध

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Sunday, February 16, 2014-8:20 PM

 नई दिल्ली :  लोक कलाओं के संरक्षण के लिए काम कर रही संस्था सोनचिरैया के बैनर तले विश्व पुस्तक मेले में रविवार को उत्तर प्रदेश के लोक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

मालिनी अवस्थी ने देवी वंदना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की और बीच-बीच में लोक कलाकारों का परिचय कराते हुए उनकी प्रस्तुतियों के साथ कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। कार्यक्रम में सोनभद्र से आए कतवारू व गुथनी देवी ने आदिवासी करमा नृत्य प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने ईष्ट देवी शीतला माता की आराधना की। इसके अलावा ब्रज का लोकनृत्य चरकुला, पूर्वाचल का लोकगीत बिरहा तथा बुंदेलखंड का लोकनृत्य राई एवं अवध क्षेत्र का किसान गीत फरवाही प्रस्तुत किया गया।

 100 से अधिक कलाकारों ने प्रगति मैदान के हंसध्वनि थिएटर में अपनी प्रस्तुति दी। कार्यक्रम की संयोजिका मालिनी अवस्थी ने कहा कि आज लोगों का रुझान लोक कलाओं के प्रति कम होता जा रहा है। लोगों के पास अब लोकगीतों को सुनने और लोकनृत्यों को देखने के लिए समय नहीं है। जल्द ही राजधानी में लोक कलाकारों का राष्ट्रीय सम्मेलन करने की योजना है।

 

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