फिर ठगे गए कच्ची कालोनियों के 50 लाख लोग

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Monday, February 17, 2014-1:04 AM
नई दिल्ली(आशुतोष त्रिपाठी): कांग्रेस सरकार ने कच्ची कालोनियों को पक्की करने के लिए प्रक्रिया शुरू की थी। 312 कालोनियों के लिए स्पष्ट आदेश हो गए थे, प्रक्रिया चल ही रही थी कि सरकार चली गई। इसके बाद आप की सरकार आई और ऐलान किया गया कि एक साल में कच्ची कालोनियों को पक्का कर दिया जाएगा। अब यह सरकार भी चलती बनी। 
 
ऐेसे में दिल्ली का जो सबसे बड़ा घाटा हुआ वह अनधिकृत कालोनियों का अधिकृत करने का मामला है। 2 सरकारों के बीच नियम कानून भी उलझकर रह गए हैं। कच्ची कालोनियों में रहने वाले विकास कार्यों से वंचित हैं और मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे हैं। दिल्ली की 1639 कच्ची कालोनियों में रहने वाले लगभग 50 लाख लोग सालों से हालात सुधरने का इंतजार कर रहे हैं।
 
कालोनियों में नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम दिल्ली की दक्षिणी, उत्तरी और पूर्वी नगर निगम की तरह से कराया जाता है। निगमों को दिल्ली सरकार की तरफ से विकास का फंड मिलता है लेकिन आप सरकार के जाने से वह भी अटक गया। अब अनधिकृत कालोनियों की दशा सुधरने में और देरी होगी और नियमितीकरण के लिए तो लंबा इंतजार करना पड़ेगा। बता दें कि दिल्ली की सबसे बड़ी चुनौती अनधिकृत कालोनियों को नियमित कर उनमें विकास कार्य कराने की है। 
 
सरकार चाहे जिसकी हो, एजेंडे में यह काम ऊपर रहता है लेकिन गंभीरता से कदम नहीं उठाए जा सके हैं। इस मुद्दे को दक्षिणी निगम की बैठक नेता सदन सुभाष आर्य और स्थायी समिति अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने समिति की बैठक में प्रमुखता से उठाया था। बता दें कि वर्ष 1970 में जनसंघ व 1977 में जनता पार्टी के शासन में ‘जहां हैं जैसी हैं’ के आधार पर बिना जमीन की कीमत एवं जुर्माने के कच्ची कालोनियों को नियमित किया गया था।
 
वर्ष 1998 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ  साहिब सिंह वर्मा ने पहल करते हुए कोर्ट में उपस्थित होकर 1071 अवैध कालोनियों में विकास कार्यों के लिए अनुमति दिलवायी थी लेकिन पिछली कांग्रेस की 15 साल की सरकार ने जनता के साथ वायदा तो किया लेकिन हमेशा वायदा खिलाफी की। पहले कांग्रेस सरकार ने घोषणा की थी कि 1639 अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित किया जाएगा। ्रइसके बाद 2008 में 1218 कालोनियों को ही नियमित करने से संबंधित अस्थायी प्रमाण-पत्र दिए गए।
 
एक साल पहले 895 कालोनियों को नियमित करने की बात कांग्रेस सरकार ने की लेकिन  आदेश में उन कालोनियों को ही नियमित करने की बात कही जो निजी जमीन पर बनी हैं। ऐसी 312 कालोनियों को नियमित करने की प्रक्रिया कांग्रेस की सरकार ने शुरू की थी। इनमें दक्षिणी दिल्ली नगर निगम में 220, उत्तरी दिल्ली नगर निगम में 42 और पूर्वी दिल्ली नगर निगम में 50 कालोनियां हैं। 

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